Bihar Assembly News : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जाति प्रमाण पत्र और सरकारी अभिलेखों में जाति के नाम को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई। भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने सदन में भूमिहार समाज को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया और मांग की कि बिहार सरकार के जाति प्रमाण पत्रों में दर्ज “भूमिहार” शब्द की जगह “भूमिहार ब्राह्मण” अंकित किया जाए।
भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के दौरान कहा कि राज्य सरकार के भू-राजस्व अभिलेख, पुराने शासकीय दस्तावेज, जिला गजट और अन्य सरकारी रिकॉर्ड में कई जगह भूमिहार ब्राह्मण शब्द का उल्लेख मिलता है। वहीं वर्तमान समय में बिहार सरकार की जाति सूची और जाति प्रमाण पत्रों में केवल “भूमिहार” लिखा जा रहा है। इससे लोगों के बीच भ्रम और असंगति की स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर कई लोगों और सामाजिक संगठनों की ओर से सरकार को आवेदन भी दिए गए हैं, लेकिन अभी तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। विधायक ने कहा कि 1931 की जनगणना और पुराने भू-अभिलेखों में भूमिहार समाज के लिए “भूमिहार ब्राह्मण” शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
जीवेश मिश्रा ने सदन में कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से भी पहले पत्र जारी कर भूमिहार की जगह भूमिहार ब्राह्मण लिखने की बात कही गई थी। ऐसे में सरकार को जाति सूची और जाति प्रमाण पत्र में भी इसी नाम को लागू करना चाहिए।उन्होंने कहा कि सरकारी दस्तावेजों में एक ही जाति के लिए अलग-अलग नाम होने से प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए इस विषय पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने दिया जवाब
भाजपा विधायक के सवाल पर उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने सरकार की ओर से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ध्यानाकर्षण सूचना के आधार पर वर्तमान स्थिति यह है कि सामान्य प्रशासन विभाग बिहार पटना की ओर से उच्च जाति, अल्पसंख्यक और अन्य जातियों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उच्च जाति के लिए चार जातियों को सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत और कायस्थ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार की ओर से इस विषय में कोई नया निर्णय लेने का प्रस्ताव नहीं है।
विधायक ने जवाब पर जताई नाराजगी
उपमुख्यमंत्री के जवाब के बाद भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ से भूमिहार जाती से आने वाले विधायक फिर अपनी सीट से खड़े हुए और उन्होंने कहा कि सरकार के जवाब में उनके मूल सवाल का समाधान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सदन में यह मुद्दा उठाया था कि पुराने सरकारी रिकॉर्ड और वर्तमान जाति प्रमाण पत्रों में नाम को लेकर अंतर है। लेकिन सरकार की ओर से इस अंतर को दूर करने को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
जीवेश मिश्रा ने कहा कि उपमुख्यमंत्री काफी अनुभवी और विद्वान मंत्री हैं, लेकिन उनके जवाब में मेरे द्वारा उठाए गए मुख्य विषय का उल्लेख नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को पैदा करना नहीं बल्कि सरकारी दस्तावेजों में एकरूपता लाना है, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।





