Bihar train accident : बिहार में आरा-सासाराम पैसेंजर ट्रेन हादसा, रोटावेटर से टकराने से अफरातफरी

भोजपुर जिले में आरा-सासाराम पैसेंजर ट्रेन उदवंतनगर के पास रोटावेटर से टकराई। हादसे में कोई हताहत नहीं, ट्रेन पटरी पर सुरक्षित, यात्रियों में अफरातफरी मची।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 23, 2025, 9:20:47 AM

Bihar train accident : बिहार में आरा-सासाराम पैसेंजर ट्रेन हादसा, रोटावेटर से टकराने से अफरातफरी

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Bihar train accident : बिहार में मंगलवार सुबह एक ट्रेन हादसा हुआ, जो यात्रियों के लिए डरावना साबित हुआ। भोजपुर जिले में आरा-सासाराम पैसेंजर ट्रेन उदवंतनगर के पास एक रोटावेटर से टकरा गई। घटना सुबह लगभग 7:54 बजे हुई, जब ट्रेन आरा स्टेशन से सासाराम की ओर जा रही थी।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन आरा से सुबह 7:44 बजे रवाना हुई थी। लगभग 10 मिनट बाद स्टेशन मास्टर गड़हनी एस के सिंह को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि ट्रेन ने ट्रैक पर किसी वाहन से टकरा लिया है। शुरुआती रिपोर्ट में इसे ट्रैक्टर बताया गया, लेकिन मौके पर ली गई तस्वीरों में यह साफ़ दिखाई दिया कि ट्रेन एक कृषि यंत्र रोटावेटर से टकराई थी।


हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। ट्रेन पटरी से नहीं उतरी, लेकिन टक्कर के कारण उसे रोकना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत घटना की सूचना नियंत्रण कक्ष और संबंधित अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचकर रेलवे स्टाफ ने यात्रियों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया और स्थिति नियंत्रित की।


हादसे की वजह के बारे में कहा जा रहा है कि सुबह घना कोहरा था। इसी कारण रोटावेटर चालक को ट्रैक स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिया। रोटावेटर अचानक ट्रेन के सामने आ गया और टकरा गया। टक्कर के बाद रोटावेटर चालक ट्रैक्टर से गिर गया, लेकिन सौभाग्य से उसे ज्यादा चोट नहीं आई।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन की गति नियंत्रित थी और चालक ने तुरंत ब्रेक लगा दिया। इससे बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। रेलवे सुरक्षा दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर ट्रैक की जांच की और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।


स्थानीय लोगों और यात्रियों ने बताया कि ट्रेन टकराने के समय काफी हलचल मची। कई यात्री डर के मारे अपनी सीट से उठ गए। रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें शांति से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया। ट्रेन थोड़ी देर रुकी और फिर धीरे-धीरे अपनी यात्रा जारी रखी।


रेलवे प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि रोटावेटर ट्रैक पर कैसे पहुंचा। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार चालक की लापरवाही नहीं थी, बल्कि घने कोहरे और ट्रैक की समीपता हादसे की मुख्य वजह थे। प्रशासन ने स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को आगाह किया है कि रेलवे ट्रैक के पास कोई वाहन या कृषि यंत्र न लाएं।


बिहार में रेलवे हादसों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए, राज्य और रेलवे प्रशासन सुरक्षा उपायों को और सख्त कर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने कोहरे वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।


इस हादसे में किसी के हताहत न होने से राहत की सांस ली जा रही है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन अब सामान्य समय सारिणी के अनुसार चल रही है। हादसे के बाद सभी संबंधित कर्मचारियों को सतर्क किया गया है और ट्रैक पर किसी भी तरह के अवरोध को तुरंत हटाने के लिए टीम लगाई गई है।


रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए स्थानीय लोगों और किसानों को ट्रैक के पास आने से रोकना जरूरी है। यात्रियों से भी अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा के दौरान किसी आपात स्थिति में रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।


उदवंतनगर के पास हुई घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि घना कोहरा और ट्रैक पर अवरोध गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं। रेल मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और आगे की कार्रवाई के लिए टीम गठित की है।