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Bihar News: बिहार में अब 10 दिन पहले मिलेगा मौसम का पूर्वानुमान, AI बताएगा अब मौसम का हाल

Bihar News: बिहार सरकार अब मौसम पूर्वानुमान को अधिक सटीक, विस्तृत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है, जिसमें मौसम का हाल अब AI बताएगा.

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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार अब मौसम पूर्वानुमान को अधिक सटीक, विस्तृत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। योजना एवं विकास विभाग के नेतृत्व में बिहार मौसम सेवा केंद्र के अंतर्गत एक नया AI-ML (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग) आधारित मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिससे राज्य के नागरिकों को 10 दिन पहले ही संभावित मौसम की जानकारी पंचायत स्तर तक मिल सकेगी। अभी तक यह सेवा केवल 5 दिनों तक की सीमित है।


इस महत्वाकांक्षी परियोजना में देश की अग्रणी संस्था इसरो (ISRO) तकनीकी मार्गदर्शन दे रही है। साथ ही, एनआईटी पटना ने इस प्रस्ताव का तकनीकी मूल्यांकन कर इसकी व्यावहारिकता और प्रभावशीलता पर मुहर लगाई है। इस पहल के पीछे उद्देश्य है मल्टी-हजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम को सुदृढ़ करना और आपदा प्रबंधन की तैयारी को वैज्ञानिक आधार पर मजबूत बनाना।


एक मॉडल के लिए एक उन्नत स्तर की हाई परफार्मेंस कम्प्यूटेशन फैसिलिटी भी विकसित की जा रही है, जो राज्य में मौसम विश्लेषण और पूर्वानुमान की क्षमता को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकती है। इस प्रणाली के जरिए बिहार अब न केवल भारी वर्षा, तूफान, आंधी, ओलावृष्टि जैसी आपदाओं की क्षेत्रवार और पंचायत स्तर पर पूर्व चेतावनी देने में सक्षम होगा, बल्कि इससे कृषि, आपदा प्रबंधन, शहरी योजना, जल संसाधन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी सहायता मिलेगी।


इस नई प्रणाली के तहत आम नागरिक मोबाइल एप्लिकेशन, वेब पोर्टल या SMS के माध्यम से अपने क्षेत्र का 10 दिन पूर्व तक का मौसम पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को फसल की योजना बनाने में मदद मिलेगी, जबकि आपदा के समय त्वरित चेतावनी से जनहानि को कम किया जा सकेगा। बिहार सरकार का यह कदम न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्यावरणीय अनिश्चितताओं और जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में एक रणनीतिक प्रयास भी है।
 
 

बिहार मौसम सेवा केंद्र द्वारा विकसित यह AI आधारित मौसम पूर्वानुमान मॉडल न केवल राज्य को एक तकनीकी रूप से उन्नत मौसम पूर्वानुमान तंत्र प्रदान करेगा, बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में भी उभरेगा। यह पहल बिहार को आपदा प्रबंधन और पर्यावरणीय जागरूकता के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।