Bihar E-Challan: जल्दी ठीक करा लें गाड़ी के कागजात, अब बिहार के 41 टोल प्लाजों पर कटेगा ई-चालान, सरकार का बड़ा कदम

बिहार परिवहन विभाग ने राज्य के 41 टोल प्लाजों पर ई-डिटेक्शन सिस्टम के माध्यम से ई-चालान लागू कर दिया है। अब जिन वाहनों के पास वैध इंश्योरेंस, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाण-पत्र नहीं होगा, उनका चालान स्वतः ऑनलाइन कट जाएगा।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sun, 15 Feb 2026 05:10:11 PM IST

Bihar E-Challan

प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI

Bihar E-Challan: बिहार में परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अब राज्य के कुल 41 टोल प्लाजों पर अत्याधुनिक ई-डिटेक्शन सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी। इन टोल प्लाजों से गुजरने वाले ऐसे वाहन जिनके पास वैध इंश्योरेंस, फिटनेस प्रमाण-पत्र अथवा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होगा, उनका चालान स्वतः ऑनलाइन कट जाएगा।


परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि पूर्व में राज्य के विभिन्न टोल प्लाजों पर ई-डिटेक्शन सिस्टम के माध्यम से ई-चालान की व्यवस्था लागू की गई थी। उक्त व्यवस्था के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब इसका विस्तार करते हुए अतिरिक्त टोल प्लाजों को इस प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे पूरे राज्य में प्रवर्तन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।


उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से प्रवर्तन तंत्र को सशक्त किया जा रहा है, ताकि नियमों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के सभी आवश्यक दस्तावेज इंश्योरेंस, फिटनेस एवं प्रदूषण प्रमाण-पत्र समय पर नवीनीकृत कराएं और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।


ई-डिटेक्शन सिस्टम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी सहायता मिलेगी। बिना फिटनेस और प्रदूषण जांच के वाहन सड़क पर गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। इस प्रणाली के माध्यम से ऐसे वाहनों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


यह प्रणाली राष्ट्रीय स्तर पर संचालित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के तकनीकी सहयोग से वाहन पंजीकरण एवं संबंधित दस्तावेजों के केंद्रीय डाटाबेस से एकीकृत है। जैसे ही कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है, कैमरों द्वारा उसका नंबर प्लेट/ फास्टैग स्कैन किया जाता है और संबंधित डाटाबेस से मिलान कर यह सत्यापित किया जाता है कि वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज वैध हैं या नहीं। यदि दस्तावेज अद्यतन नहीं पाया जाता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत स्वचालित रूप से ई-चालान निर्गत कर दिया जाता है।