ब्रेकिंग
दरभंगा के BDO आनंद कुमार विभूति के 5 ठिकानों पर EOU की छापेमारी, 70 लाख के मकान और 16 प्लॉट के दस्तावेज मिलेछपरा सदर अस्पताल में एक बेड पर दो मरीज, फर्श पर इलाज, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग को लेकर हंगामा, प्रबंधक की शिकायत पर पहुंची पुलिसBihar News: EOU के नाम पर धमकाने में फंस गए पटना के ठेकेदार, अधीक्षण अभियंता की शिकायत पर असली ईओयू ने किया गिरफ्तार...पटना में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते दारोगा गिरफ्तार, जेपी गंगा पथ पर निगरानी की बड़ी कार्रवाईबिहार में संविदा पर कार्यरत मेडिकल शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी, प्रोफेसर को अब ₹2.07 लाख रुपया मिलेगा महीनादरभंगा के BDO आनंद कुमार विभूति के 5 ठिकानों पर EOU की छापेमारी, 70 लाख के मकान और 16 प्लॉट के दस्तावेज मिलेछपरा सदर अस्पताल में एक बेड पर दो मरीज, फर्श पर इलाज, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग को लेकर हंगामा, प्रबंधक की शिकायत पर पहुंची पुलिसBihar News: EOU के नाम पर धमकाने में फंस गए पटना के ठेकेदार, अधीक्षण अभियंता की शिकायत पर असली ईओयू ने किया गिरफ्तार...पटना में 10 हजार रुपये रिश्वत लेते दारोगा गिरफ्तार, जेपी गंगा पथ पर निगरानी की बड़ी कार्रवाईबिहार में संविदा पर कार्यरत मेडिकल शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी, प्रोफेसर को अब ₹2.07 लाख रुपया मिलेगा महीना

बिहार में 11 सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की प्रक्रिया तेज: जमीन मालिकों को मिलेगा विकसित क्षेत्र का 55 प्रतिशत हिस्सा; गाइडलाइन तैयार

Bihar satellite township: बिहार में 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. भूमि विकास योजना के तहत जमीन मालिकों को हिस्सा वापस मिलेगा और आधुनिक सुविधाएं तैयार होंगी.

Bihar satellite township
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar satellite township: बिहार में 11 सेटेलाइट टाउनशिप बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टाउनशिप के लिए चिह्नित क्षेत्र को नगर विकास विभाग की ओर से तय एजेंसी विकसित करेगी। विकसित टाउनशिप के क्षेत्र का 55 फीसदी भूखंड मालिक को वापस किया जाएगा।


फिलहाल राज्य सरकार ने 11 सेटेलाइट टाउनशिप के क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। सेटेलाइट टाउनशिप 800 से 1200 एकड़ में प्रस्तावित है। नगर विकास विभाग की ओर से गाइडलाइन तय की गई है। इसके अनुसार क्षेत्र में आवासीय क्षेत्र, वाणिज्यिक क्षेत्र, व्यवसायिक केंद्र, औद्योगिक क्षेत्र, नाले, पार्क, खुला मैदान, सड़क आदि की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।


नगर विकास विभाग की ओर से चयन की गई एजेंसी काम को पूरा करेगी। टाउनशिप का 55 फीसदी भूखंड जमीन मालिकों को वापस किया जाएगा। इन्हें इनकी जमीन हिस्सेदारी के हिसाब से आवंटित किया जाएगा। विभाग का कहना है कि हर स्कीम की वित्तीय व्यवहार्यता के आधार पर मूल भूखंड मालिकों को लौटाई जाने वाली भूमि का अलग से निर्धारित किया जाएगा।


विभाग का कहना है कि चिन्हित क्षेत्र का विकास निर्माण एजेंसी खुद अपने खर्च पर करेगी। कुल भूमि का अधिकतम 15 फीसद हिस्सा एजेंसी को बिक्री के लिए दिया जाएगा। यह हिस्सा आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक प्रकृति के अनुसार तय किया जाएगा।


टाउनशिप के चिन्हित क्षेत्र के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद एजेंसी जमीन मालिकों के साथ बैठक करेगी और आपत्ति-सुझाव मांगे जाएंगे। इसके बाद आपत्ति-सुझाव के हिसाब से संशोधित प्रारूप तैयार किया जाएगा। इस प्रारूप को नगर विकास विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता