1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 26, 2025, 2:10:41 PM
ANANT SINGH - फ़ोटो file photo
ANANT SINGH : बिहार की राजनीति से जुड़ीं इस वक्त की बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। खबर यह है कि मोकामा के पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह एक साथ नजर आएंगे। यह पहली दफा होगा जब जेल से बाहर आने के बाद अनंत सिंह केंद्रीय मंत्री के साथ रैली करेंगे। ऐसे में इस कार्यक्रम को लेकर ख़ास तैयारी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह आगामी 30 अगस्त को मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह के साथ पटना से बड़हिया बाहा तक की रैली करेंगे। इन दोनों नेता का काफ़िला सुबह 9 बजे पटना से निकलेगा। इस दौरान दोनों नेता साथ ही मोकामा विधानसभा में रैली करेंगे। इसके साथ ही जनता से मुलाक़ात कर उनकी समस्या को भी सुनेंगे।
मालूम हो कि, मोकामा विधानसभा का इलाका काफी सुर्ख़ियों में रहता है इसकी एक वजह यह भी है कि यह इलाका बाहुबलियों से जुड़ा हुआ माना जाता है। पूर्व विधायक अनंत सिंह यहां से पांच दफे विधायक रहे हैं और लगातार एक तरफा जीत हासिल किए हैं। ऐसे में अब छठी बार अनंत सिंह यहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं। ऐसे में वह कह भी चुके हैं कि जेडीयू से उनका टिकट तय है। हालांकि, इसी इलाके से आने वाले जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार इसके इतर बयान भी दे चुके हैं। उनका कहना है कि मोकामा के पूर्व विधायक ने कुछ काम नहीं किया है। इसको लेकर दोनों तरफ से जुबानी हमले भी हुए और इस बीच अनंत सिंह ललन सिंह से मिलने उनके आवास भी गए थे और यहां काफी देर तक बातचीत हुई थी।
बिहार की राजनीति में मोकामा विधान सभा क्षेत्र का एक अलग ही महत्व है। यह क्षेत्र दशकों से बाहुबलियों का गढ़ माना जाता रहा है। अनंत सिंह, सूरजभान सिंह और ललन सिंह जैसे दिग्गजों ने यहां की सियासत को लंबे समय तक प्रभावित किया है। मोकामा की सियासत में अनंत सिंह, जिन्हें "छोटे सरकार" के नाम से जाना जाता है, का नाम सबसे पहले लिया जाता है।
एक समय में जेडीयू के कद्दावर नेता रहे अनंत सिंह पर आपराधिक मामलों की लंबी फेहरिस्त रही है। हालांकि, जनता के बीच उनकी लोकप्रियता और पकड़ को नकारा नहीं जा सकता। 2020 के चुनाव में उन्होंने जेल से ही चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। सूरजभान सिंह, जिनका प्रभाव मोकामा के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी रहा है, पूर्व सांसद रह चुके हैं और उन पर भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि सूरजभान सिंह का नेटवर्क और रणनीतिक कौशल आज भी इस क्षेत्र में असरदार है। ऐसे में अब यह रैली अपने आप में एक बड़ा आवाज बनी सकती है बिहार की सियासी गलियारों तक के लिए।