ब्रेकिंग
दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर घर लौटना होगा आसान, पंजाब से बिहार के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानिए रूट और ठहराव✦प्रीता वर्मा अगले आदेश तक बनी रहेंगी बिहार की कार्यवाहक DGP, सरकार ने जारी किया आदेश✦हिंदू बनकर प्रेम जाल में फंसाया... फिर 6 साल तक करता रहा शोषण, बाद में शादी से किया इनकार; थाने पहुंचा मामला✦तिरहुत स्नातक सीट से अभिषेक झा ने किया नामांकन, NDA नेताओं ने किया शक्ति प्रदर्शन✦मधुबनी से पटना जा रही प्राइवेट बस NH-27 पर पलटी, दर्जनभर यात्री घायल, मची चीख-पुकार✦दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर घर लौटना होगा आसान, पंजाब से बिहार के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, जानिए रूट और ठहराव✦प्रीता वर्मा अगले आदेश तक बनी रहेंगी बिहार की कार्यवाहक DGP, सरकार ने जारी किया आदेश✦हिंदू बनकर प्रेम जाल में फंसाया... फिर 6 साल तक करता रहा शोषण, बाद में शादी से किया इनकार; थाने पहुंचा मामला✦तिरहुत स्नातक सीट से अभिषेक झा ने किया नामांकन, NDA नेताओं ने किया शक्ति प्रदर्शन✦मधुबनी से पटना जा रही प्राइवेट बस NH-27 पर पलटी, दर्जनभर यात्री घायल, मची चीख-पुकार

बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल, 5 दिवसीय कार्य सप्ताह समेत कई मांगों पर जोरदार प्रदर्शन

Bank employees strike: 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह समेत लंबित मांगों को लेकर UFBU के आह्वान पर देशभर में बैंक कर्मचारी और अधिकारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। पटना समेत कई जगहों पर बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं।

Bank employees strike
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bank employees strike: बैंकिंग उद्योग में पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह सहित लंबे समय से लंबित मांगों के समर्थन में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने अखिल भारतीय हड़ताल की। हड़ताल के कारण विभिन्न स्थानों पर सामान्य बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहा।



यूनियन प्रतिनिधियों ने हड़ताल को देशव्यापी स्तर पर व्यापक और सफल बताया। SBI के स्थानीय प्रधान कार्यालय, गांधी मैदान पटना के सामने विभिन्न बैंकों और UFBU के घटक संगठनों से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों ने स्थानीय कार्यक्रम में भाग लिया।



यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए विवश हुए हैं क्योंकि उनकी न्यायोचित मांगें औपचारिक समझौते और बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद पूरी नहीं की गईं। उनकी प्रमुख मांग पाँच दिवसीय बैंकिंग की है, जिस पर मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच समझौता हुआ था। ढाई वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सहमत व्यवस्था लागू नहीं हुई है।



नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यालयों में वर्ष 1985 से पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। राज्य सरकारों, जिला कार्यालयों, न्यायालयों, आयकर विभाग, शेयर बाजार, भारतीय रिजर्व बैंक और LIC में भी पाँच दिन कार्य की व्यवस्था है। इनमें से अधिकांश संस्थानों में सप्ताहांत पर कोई वैकल्पिक भौतिक सेवा उपलब्ध नहीं होती, जबकि बैंक ATM, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI तथा अन्य डिजिटल और वैकल्पिक माध्यमों से ग्राहकों को 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं।



यूनियनों का कहना है कि विश्व के लगभग सभी देशों में पाँच दिवसीय बैंकिंग सामान्य व्यवस्था है। मार्च 2024 में हुए समझौते के तहत यूनियनों ने प्रत्येक कार्यदिवस में कार्य और बैंकिंग व्यवसाय के समय को 40 मिनट बढ़ाने पर भी सहमति दी थी, ताकि शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने से ग्राहकों के लिए उपलब्ध कुल बैंकिंग समय में कोई कमी न आए।



हड़ताल का एक महत्वपूर्ण पक्ष बैंक कर्मचारियों द्वारा किया गया आर्थिक त्याग भी रहा। बैंकिंग उद्योग में हड़ताल में भाग लेने वाले कर्मचारी और अधिकारी का उस दिन का वेतन काटा जाता है। इस प्रकार शुक्रवार की हड़ताल में शामिल प्रत्येक बैंककर्मी ने अपनी सामूहिक मांग के समर्थन में एक दिन का वेतन त्याग किया। यूनियन नेताओं ने कहा कि यह तथ्य स्वयं इस मुद्दे की गंभीरता और लंबे विलंब से उपजे असंतोष को दर्शाता है।



पाँच दिवसीय बैंकिंग के अलावा UFBU ने एकतरफा और भेदभावपूर्ण PLI व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई है और मांग की है कि इसमें किसी भी बदलाव या क्रियान्वयन पर यूनियनों एवं एसोसिएशनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की जाए तथा बैंकिंग उद्योग के शेष लंबित मुद्दों का समाधान किया जाए।



स्थानीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपस्थित नेताओं ने कहा, "हड़ताल की सफलता ने स्पष्ट कर दिया है कि बैंक कर्मचारी इन मुद्दों पर एकजुट हैं। हम कोई अनुचित रियायत नहीं मांग रहे, बल्कि पहले से हुए समझौते के क्रियान्वयन और लंबित मुद्दों के न्यायसंगत समाधान की मांग कर रहे हैं।"



UFBU ने मुद्दों का समाधान न होने की स्थिति में 28, 29 और 30 सितम्बर 2026 को आगे की अखिल भारतीय हड़तालों तथा 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार और IBA के पास अभी भी सार्थक वार्ता के माध्यम से मुद्दों का समाधान कर आगे की औद्योगिक कार्रवाई टालने का अवसर है। इस मौके पर AIBOC के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरेश विक्रमादित्य, SBIOA पटना के अध्यक्ष रंजन कुमार सिंह एवं उपमहासचिव निकेश नन्दन सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।

टैग्स
रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता