BEGUSARAI: बेगूसराय के श्रीकृष्ण महिला महाविद्यालय (SK महिला कॉलेज) में बिहार कौशल विकास मिशन के तहत संचालित कौशल विकास केंद्र की करीब 21 लाख रुपये की राशि के कथित गबन का मामला गरमा गया है। राशि की निकासी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और प्राचार्य का घेराव किया।
करीब चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और पूरी राशि की वसूली की मांग उठाई। परिषद के दबाव के बीच महाविद्यालय प्रशासन की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हुई और मामले में केस दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अलग बैंक खाता खोलकर राशि निकालने का आरोप
मामले में कौशल विकास केंद्र के संचालक धीरज कुमार पर आरोप है कि उन्होंने महाविद्यालय के नाम से अलग बैंक खाता खोलकर बिहार कौशल विकास मिशन, पटना से मिलने वाले अनुदान की राशि प्राप्त की और उसकी कथित तौर पर अवैध निकासी की। महाविद्यालय प्रशासन की ओर से भी संचालक पर इस तरह की अनियमितता का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि संबंधित बैंक को पत्र लिखकर उक्त खाते को फ्रीज करने का अनुरोध भी किया गया है।
करीब 21 लाख रुपये की राशि से जुड़े इस मामले में कार्रवाई में देरी को लेकर ABVP कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कक्ष के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई हो और कथित तौर पर निकाली गई राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।
‘छात्राओं के नाम पर आई राशि का गबन बर्दाश्त नहीं’
ABVP के विशेष आमंत्रित सदस्य अजित चौधरी ने कहा कि छात्राओं के नाम पर आई राशि में गड़बड़ी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन ने वर्ष 2018 में केंद्र के संचालन के लिए भवन, आठ कंप्यूटर, टेबल सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। इसके बावजूद अलग बैंक खाता खोलकर करीब 21 लाख रुपये की निकासी किए जाने का आरोप गंभीर है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कोविड के बाद अनुदान को लेकर भी उठाए सवाल
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अजित कुमार ने कहा कि कोविड काल के बाद जब कौशल विकास केंद्र दोबारा शुरू हुआ, तब महाविद्यालय के खाते में अनुदान की राशि आनी बंद हो गई। उन्होंने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
वहीं, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लक्की गौतम ने कहा कि छात्राओं के कौशल विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित केंद्र में ही वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने कथित गड़बड़ी की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
FIR और गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
वरिष्ठ कार्यकर्ता दिव्यम कुमार ने कहा कि ABVP इस मामले की निष्पक्ष जांच चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी होने तक परिषद का आंदोलन जारी रहेगा।
परिषद कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद महाविद्यालय प्रशासन की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, प्राथमिकी की धाराओं, पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच की वर्तमान स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल
प्रदर्शन में नगर सह मंत्री नैना, कला मंच की संगीता कुमारी, कॉलेज कार्यकारिणी सदस्य आर्या समेत गुलशन, अभिषेक, हर्ष सहित बड़ी संख्या में छात्राएं और ABVP कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अब निगाहें जांच पर: करीब 21 लाख रुपये की कथित अनियमितता से जुड़े इस मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में किन तथ्यों का खुलासा होता है, राशि की निकासी किन परिस्थितियों में हुई और कथित गड़बड़ी के लिए कौन जिम्मेदार पाया जाता है। आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही होगी।








