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पूछताछ से गायब बिहार का सबसे बड़ा घूसखोर थानेदार: EOU की नोटिस पर नहीं पहुंचा किशनगंज का इंस्पेक्टर अभिषेक रंजन, जांच से भी रहा गायब

बिहार के किशनगंज का निलंबित थानेदार अभिषेक रंजन EOU की पूछताछ से गायब हो गया है। 50 करोड़ से ज्यादा की संदिग्ध संपत्ति उजागर होने के बाद एजेंसी ने समन जारी किया था, लेकिन पेश न होने पर अब दोबारा नोटिस और गिरफ्तारी की तैयारी तेज हो गई है।

पूछताछ से गायब बिहार का सबसे बड़ा घूसखोर थानेदार: EOU की नोटिस पर नहीं पहुंचा किशनगंज का इंस्पेक्टर अभिषेक रंजन, जांच से भी रहा गायब
Ramakant kumar
4 मिनट

PATNA: करीब 16 साल की दरोगा और इंस्पेक्टर की नौकरी से 50 करोड़ की संपत्ति बनाने वाला थानेदार अभिषेक रंजन गायब हो गया है। उसके काले कारनामों की पोल खुलने के बाद बिहार सरकार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन अभिषेक रंजन नहीं पहुंचा। अब EOU आगे की रणनीति बनाने में लग गई है।


बता दें कि अभिषेक रंजन बिहार के किशनगंज जिले से थानेदार था। उसके ठिकानों पर छापेमारी में बड़े पैमाने पर अवैध कमाई का खुलासा हुआ था। इसके बाद आगे की कार्रवाई हो रही है, लेकिन निलंबित थानेदार अभिषेक रंजन आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की पूछताछ में शामिल होने नहीं पहुंचे। EOU ने उन्हें समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन तय तारीख पर वे कार्यालय नहीं पहुंचे, जिसके बाद एजेंसी अब उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।


दोबारा नोटिस की तैयारी

EOU सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक रंजन को पहले ही नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उनके अनुपस्थित रहने के बाद अब दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। यदि वे फिर भी पेश नहीं होते हैं, तो एजेंसी कानूनी कार्रवाई तेज कर सकती है।


50 करोड़ से ज्यादा संपत्ति का खुलासा

EOU की छापेमारी और जांच के दौरान अभिषेक रंजन की करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है। रिपोर्ट के अनुसार, 2009 बैच के दारोगा अभिषेक रंजन मूल रूप से बेगूसराय के रहने वाले हैं। उन्होंने मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण के अलावा पटना के कई थानों में पोस्टिंग के दौरान अकूत संपत्ति अर्जित की। किशनगंज में नगर थानेदार रहते हुए भी अभिषेक पर बड़े पैमाने पर संपत्ति जुटाने के आरोप हैं।


EOU के मुताबिक, अभिषेक रंजन ने पटना के एसके पुरी इलाके में करीब 2.5 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा की दर से जमीन खरीदी। वहां घर बनाने में करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसमें स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।


गिरफ्तारी क्यों नहीं?

EOU अधिकारियों का कहना है कि अभिषेक रंजन को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है, क्योंकि उसे केस में नामजद किया गया है और वह निलंबित है। अगर उसे अभी गिरफ्तार किया जाता है, तो गिरफ्तारी के बाद 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है। इसके लिए पर्याप्त सबूत की जरूरत होगी, और एजेंसी अभी और सबूत जुटा रही है।


आय से अधिक संपत्ति का केस

वैसे, अभिषेक रंजन के खिलाफ 1.70 करोड़ रुपये के आय से अधिक संपत्ति का मामला पहले ही दर्ज हो चुका है। EOU अब इस केस को मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच रही है और उनकी संपत्तियों के स्रोत का पता लगा रही है।


कई ठिकानों पर छापेमारी

EOU ने अभिषेक रंजन के कई ठिकानों पर छापेमारी की है, जिनमें पटना का रामकृष्णानगर इलाका, किशनगंज स्थित सरकारी आवास और बेगूसराय स्थित पैतृक घर शामिल हैं।


गिरफ्तारी की तैयारी

EOU सूत्रों ने बताया कि अभिषेक रंजन को जल्द ही दोबारा समन जारी किया जाएगा। अब उसके पेश नहीं होने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही उसकी संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।


जाहिर है, किशनगंज के निलंबित थानेदार अभिषेक रंजन पर शिकंजा कसता जा रहा है। करोड़ों की संपत्ति, जांच और पूछताछ से बचने की कोशिश—ये सभी संकेत देते हैं कि मामला आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या अभिषेक रंजन अगली बार EOU के सामने पेश होंगे या कार्रवाई और तेज होगी।

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Ramakant kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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