First Bihar impact: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 200 रुपये रिश्वत लेने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. वीडियो वायरल होने और मामला सामने आने के बाद संबंधित स्वास्थ्यकर्मी की सेवा समाप्त कर दी गई है. विभाग ने साफ किया है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
जानकारी के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र बनाने के एवज में 200 रुपये लेने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसके बाद मामला चर्चा में आया. वीडियो सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने पूरे मामले की जांच कराई. जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित स्वास्थ्यकर्मी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया.
बताया जा रहा है कि संबंधित स्वास्थ्यकर्मी एक निजी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किया गया था. मामले की पुष्टि होने के बाद उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है. इसके साथ ही जिस स्वास्थ्य केंद्र में वह कार्यरत था, वहां की कार्यप्रणाली की भी जांच शुरू कर दी गई है.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच के लिए समिति गठित की जा रही है. यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा.





