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BIHAR NEWS : छोटे भाई को बचाने कूदा बड़ा भाई, लेकिन दोनों लौटकर नहीं आए... पटना के इस हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दीं

पटना के नौबतपुर में एक दर्दनाक हादसे में पानी से भरे आहर में डूबने से दो सगे नाबालिग भाइयों की मौत हो गई। छोटा भाई डूबने लगा तो बड़ा भाई उसे बचाने कूद पड़ा, लेकिन गहरे पानी में दोनों की जान चली गई। पूरे गांव में शोक का माहौल है।

BIHAR NEWS : छोटे भाई को बचाने कूदा बड़ा भाई, लेकिन दोनों लौटकर नहीं आए... पटना के इस हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दीं
Tejpratap
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BIHAR NEWS : बिहार की राजधानी पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। चेसी गांव के पास बुधवार को पानी से भरे आहर में डूबने से दो सगे नाबालिग भाइयों की मौत हो गई। दोनों भाई एक-दूसरे की जान बचाने की कोशिश में काल के गाल में समा गए। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों की पहचान नौबतपुर थाना क्षेत्र के हुसैनचक गांव निवासी पिंटू सिंह के 14 वर्षीय पुत्र अभिजीत कुमार और 13 वर्षीय पुत्र प्रियांशु कुमार के रूप में हुई है। दोनों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

छोटे भाई को बचाने में गई बड़े भाई की जान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र में इन दिनों धान रोपनी का कार्य चल रहा है। खेतों के पास बने आहर में पानी भरा हुआ था। इसी दौरान छोटा भाई प्रियांशु नहाने के लिए आहर में उतर गया। नहाते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह डूबने लगा और मदद के लिए आवाज लगाने लगा।

अपने छोटे भाई को डूबता देख बड़ा भाई अभिजीत बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए आहर में कूद पड़ा। लेकिन आहर में पानी काफी गहरा था और दोनों तैरना नहीं जानते थे। ऐसे में दोनों भाई पानी में डूब गए और कुछ ही देर में उनकी आंखों के सामने जिंदगी खत्म हो गई।

ग्रामीणों ने बचाने की भरपूर कोशिश की

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। कई लोगों ने तुरंत आहर में छलांग लगाई और काफी मशक्कत के बाद दोनों भाइयों को पानी से बाहर निकाला। दोनों की हालत बेहद गंभीर थी। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए उन्हें नौबतपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया।

रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना एम्स रेफर कर दिया। परिजनों की उम्मीदें अभी भी जिंदा थीं, लेकिन एम्स पहुंचने के बाद इलाज के दौरान दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

एक ही परिवार के दो बेटों की एक साथ मौत से घर में कोहराम मच गया है। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। हर किसी की आंखें नम हैं और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों भाई बेहद मिलनसार और होनहार थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि भाईचारे की ऐसी मिसाल पेश करते हुए दोनों की जिंदगी इतनी दर्दनाक तरीके से खत्म हो जाएगी।

प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में नदी, तालाब, आहर और गहरे जलाशयों के पास बच्चों को अकेले न जाने दें। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बरसात के मौसम में खुले जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता कितनी जरूरी है। छोटे भाई को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह न करने वाले अभिजीत का साहस हमेशा याद किया जाएगा, लेकिन इस हादसे ने एक परिवार से उसके दोनों चिराग हमेशा के लिए छीन लिए।