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पटना के ISKCON मंदिर से अगवा युवक बरामद, सचिवालय में नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा

पटना के इस्कॉन मंदिर से अगवा युवक संतोष नालंदा से बरामद, सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 1 करोड़ से अधिक की ठगी का सनसनीखेज खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार।

bihar
पटना पुलिस की कार्रवाई
© social media
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत इस्कॉन मंदिर के पास 5 जनवरी को हुए युवक के अपहरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अपहृत युवक संतोष को पटना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में नालंदा जिले के इस्लामपुर से सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस सनसनीखेज मामले में एक महिला समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


बरामद युवक संतोष ने पुलिस को बताया कि उसे रुपए देने के बहाने अनुज, निशांत और विनोद ने इस्कॉन मंदिर के पास बुलाया था। वहां से उसे बाइक पर बैठाकर पहले रामकृष्णा नगर ले जाया गया, फिर एक कार बुक कर बिहारशरीफ पहुंचाया गया। रास्ते में उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई। इसके बाद उसे इस्लामपुर ले जाकर एक घर में बंधक बनाकर रखा गया। संतोष पटना के नागेश्वर कॉलोनी स्थित अभिराम होटल में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्यरत है।


सचिवालय में नौकरी का झांसा, 1 करोड़ से अधिक की वसूली

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों का दावा है कि संतोष और होटल मालिक ने सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 1 करोड़ रुपए से अधिक की रकम वसूली थी। इसमें 67 लाख रुपए नकद और शेष राशि बैंक खाते में ट्रांसफर कराई गई थी।


मुख्य आरोपी अनुज ने बताया कि कई अभ्यर्थियों से अलग-अलग रकम ली गई थी। संतोष ने उनकी मुलाकात राकेश कुमार रंजन नामक व्यक्ति से कराई थी, जिसने खुद को समाज कल्याण विभाग से जुड़ा बताते हुए सचिवालय सहायक पद पर नौकरी पक्की होने का भरोसा दिलाया था।


चार महीने की ट्रेनिंग, फिर बंद हुई सैलरी

आरोपियों का कहना है कि उन्हें लगभग चार महीने की ट्रेनिंग भी दी गई, जिसमें एक महीने की सैलरी भी मिली। इसके बाद अचानक सैलरी बंद कर दी गई और संपर्क से बचने लगे। जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो अपने पैसे वापस पाने के लिए उन्होंने संतोष को बंधक बना लिया। 


पुलिस जांच जारी, बड़े नेटवर्क की आशंका

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में अपहरण, ठगी और आपराधिक साजिश के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहा यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पटना से सूरज की रिपोर्ट