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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की चर्चा तेज, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक ट्रस्ट की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

उत्तर प्रदेश न्यूज
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

ram-mandir-donation-controversy: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर चल रही जांच के बीच राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, दोनों के साथ ट्रस्ट से जुड़े गोपाल नामक सदस्य ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि, इन इस्तीफों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


दरअसल, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से हाल ही में चढ़ावा और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।


ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव, मनीष कुमार यादव समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में विपक्षी दल लगातार आरोप लगा रहे हैं कि केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है।


इससे पहले विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। रिपोर्ट में निर्माण सामग्री की खरीद, दानपात्र की राशि की गणना, आभूषणों और चढ़ावे के प्रबंधन तथा भौतिक ऑडिट की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए गए हैं।


एसआईटी अब सीसीटीवी फुटेज, बिल-वाउचर, भुगतान संबंधी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। जरूरत पड़ने पर निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों से भी रिकॉर्ड मांगा जा सकता है।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि एसआईटी जांच में "दूध का दूध और पानी का पानी" हो जाएगा। चूंकि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए शासन स्तर पर भी जांच की हर पहलू पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और ट्रस्ट पदाधिकारियों के कथित इस्तीफे को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।