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भरत तिवारी एनकाउंटर केस: SDM समेत 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, SDPO-SHO को अरेस्ट करने का आदेश

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा CJM कोर्ट ने एनकाउंटर में शामिल बताए जा रहे 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सभी को 12 अगस्त तक गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया है।

Bharat Tiwari Encounter Case
भरत तिवारी एनकाउंटर केस
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा CJM कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर में शामिल बताए जा रहे 11 लोगों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 12 अगस्त तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है।



इन लोगों के खिलाफ जारी हुआ वारंट

कोर्ट की कार्रवाई में तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार, तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, दरोगा अंकित आर्यन, हरिश्चंद्र कुमार, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार, विकास कुमार समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। बताया गया है कि एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। वहीं, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार को निलंबित किया जा चुका है।







अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई

मामले के बाद तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को पटना में मद्य निषेध विभाग में डीएसपी बनाया गया था। हालांकि, भरत तिवारी के परिजनों की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद उन्हें दोबारा लाइन क्लोज कर दिया गया। वहीं, जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम संजीत कुमार को भी पद से हटाकर पटना मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था।



अधिवक्ता ने कोर्ट में दाखिल की थी याचिका

अधिवक्ता संजीव कुमार के अनुसार, उन्होंने आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने को लेकर आरा कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके साथ ही अब तक हुई कार्रवाई, जांच रिपोर्ट और प्राथमिकी में नामजद आरोपियों से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई थी। मामले में प्राथमिकी अभियुक्तों के तौर पर राजेश कुमार शर्मा, राजेश मालाकार, अक्षय कुमार, विकास कुमार, रविंदर, अंकित आर्यन, रामचंदर और हरिशचंदर समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।



पुलिस कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए थे सवाल

भरत तिवारी की मौत के बाद उनके परिजनों और समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए थे। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बीच अब कोर्ट की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



अब पुलिस को वारंट के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर निर्धारित समय सीमा में कोर्ट के समक्ष पेश करना होगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच पर सभी की नजर है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RAKESH KUMAR

FirstBihar संवाददाता