ब्रेकिंग
NEET की तैयारी कर रहे छात्र ने क्रिप्टो में गंवाए 2 करोड़, महिला इंजीनियर के 40 लाख भी फंसेबिहार के छात्रों के लिए अच्छी खबर: इन दो मेडिकल कॉलेजों में नए सत्र से शुरू होगी MBBS की पढ़ाई, 50-50 सीटों पर दाखिला को मंजूरीजमुई में कच्चे तेल की पाइपलाइन में बड़ा खेल, पाइप में सेंधमारी कर लगाया वाल्व; तेल चोरी से मचा हड़कंपशिक्षा व्यवस्था में होने जा रहा बड़ा बदलाव: बिहार में अब महज 7 दिन में जारी होगा मैट्रिक रिजल्ट, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एलानFirst Bihar की खबर का असर: माही नदी का तटबंध टूटने के बाद युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य शुरू, DM ने किया निरीक्षणNEET की तैयारी कर रहे छात्र ने क्रिप्टो में गंवाए 2 करोड़, महिला इंजीनियर के 40 लाख भी फंसेबिहार के छात्रों के लिए अच्छी खबर: इन दो मेडिकल कॉलेजों में नए सत्र से शुरू होगी MBBS की पढ़ाई, 50-50 सीटों पर दाखिला को मंजूरीजमुई में कच्चे तेल की पाइपलाइन में बड़ा खेल, पाइप में सेंधमारी कर लगाया वाल्व; तेल चोरी से मचा हड़कंपशिक्षा व्यवस्था में होने जा रहा बड़ा बदलाव: बिहार में अब महज 7 दिन में जारी होगा मैट्रिक रिजल्ट, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एलानFirst Bihar की खबर का असर: माही नदी का तटबंध टूटने के बाद युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य शुरू, DM ने किया निरीक्षण

Bihar Flood 2026 : पटना में गंगा ने तोड़े पुराने सभी रिकॉर्ड! खतरे के निशान से 1.93 मीटर ऊपर बह रही गंगा, कल सुबह तक और बढ़ने का अनुमान

पटना में गंगा ने 2016 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गांधी घाट पर जलस्तर 50.53 मीटर पहुंच गया, जो HFL से ऊपर है। CWC ने 6 सितंबर सुबह तक पानी 50.62 मीटर पहुंचने का अनुमान जताया है।

Bihar Flood 2026 :  पटना में गंगा ने तोड़े पुराने सभी रिकॉर्ड! खतरे के निशान से 1.93 मीटर ऊपर बह रही गंगा, कल सुबह तक और बढ़ने का अनुमान
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

पटना: बिहार की राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। गांधी घाट पर गंगा का पानी अबतक सभी पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर चुका है। शनिवार, 5 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो वर्ष 2016 के 50.52 मीटर के HFL से एक सेंटीमीटर अधिक है।

गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने राजधानी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 सितंबर की सुबह 8 बजे तक गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। यदि यह पूर्वानुमान सही रहता है तो जलस्तर मौजूदा HFL से करीब 10 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच जाएगा।

तीन दिनों में तेजी से बढ़ा गंगा का जलस्तर

जल संसाधन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक गांधी घाट पर गंगा के जलस्तर में पिछले तीन दिनों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।3 सितंबर 2026 को सुबह 6 बजे गंगा का जलस्तर 50.18 मीटर था। उसी दिन शाम 6 बजे यह बढ़कर 50.31 मीटर हो गया। इसके बाद 4 सितंबर की सुबह 6 बजे जलस्तर 50.36 मीटर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे इसमें मामूली बढ़ोतरी के साथ यह 50.38 मीटर पहुंच गया।

लेकिन 5 सितंबर को गंगा के जलस्तर में तेजी देखने को मिली। सुबह 6 बजे गांधी घाट पर पानी 50.43 मीटर था। महज तीन घंटे बाद सुबह 9 बजे यह बढ़कर 50.51 मीटर हो गया। इसके बाद सुबह 10 बजे जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया।यानी गांधी घाट पर गंगा का पानी अब 2016 में दर्ज किए गए उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बह रहा है।

खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पानी

गांधी घाट पर गंगा का डेंजर लेवल 48.60 मीटर निर्धारित है। इसके मुकाबले शनिवार सुबह 10 बजे जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया। यानी गंगा का पानी खतरे के निशान से करीब 1.93 मीटर ऊपर पहुंच चुका है।वहीं, गांधी घाट का वार्निंग लेवल 47.60 मीटर है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 2.93 मीटर अधिक है।ऐसे में लगातार बढ़ता जलस्तर पटना के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। खासकर गंगा के किनारे और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

कल सुबह और बढ़ सकता है पानी

केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार 6 सितंबर 2026 की सुबह 8 बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है। यानी अगले कुछ घंटों में पानी में करीब 9 सेंटीमीटर की और बढ़ोतरी का अनुमान है।अगर गंगा का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो पटना के कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। नदी के किनारे बसे इलाकों में प्रशासन की निगरानी भी महत्वपूर्ण हो गई है।

पुराने रिकॉर्ड टूटने से बढ़ी चिंता

गांधी घाट पर वर्ष 2016 में गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर दर्ज किया गया था। अब 5 सितंबर को पानी 50.53 मीटर पहुंचने के साथ यह रिकॉर्ड टूट गया है। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए आने वाले 24 घंटे पटना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। खासकर यदि 6 सितंबर की सुबह अनुमानित 50.62 मीटर का जलस्तर हासिल होता है तो यह गांधी घाट पर अब तक दर्ज HFL से काफी ऊपर होगा।

हालांकि जलस्तर के पूर्वानुमान के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि पूरी राजधानी पटना डूब जाएगी। बाढ़ का प्रभाव इलाके की ऊंचाई, तटबंधों की स्थिति, स्थानीय जलनिकासी और गंगा के वास्तविक जलस्तर पर निर्भर करेगा। लेकिन मौजूदा आंकड़े यह जरूर संकेत दे रहे हैं कि पटना में बाढ़ का खतरा बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है।

प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए अब जलस्तर पर लगातार नजर रखना और संवेदनशील इलाकों में लोगों को समय रहते सतर्क करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अगले कुछ घंटे यह तय करने में अहम होंगे कि गंगा का जलस्तर किस स्तर तक पहुंचता है और पटना के निचले इलाकों पर इसका कितना असर पड़ता है।