Bihar Cyber Crime News: मुजफ्फरपुर में क्रिप्टो और बिटकॉइन में निवेश के नाम पर बड़ी रकम डूबने के बाद एक नीट छात्र के घर पर जमकर हंगामा हुआ. बताया जा रहा है कि छात्र ने क्रिप्टो करेंसी में करीब 2 करोड़ रुपये गंवा दिए. इसमें अहियापुर की रहने वाली एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर और उसके भाई के करीब 35 से 40 लाख रुपये भी शामिल हैं. रुपये डूबने के बाद छात्र ने लोगों से संपर्क करना बंद कर दिया और नोएडा से मुजफ्फरपुर आकर किराए के मकान में रहने लगा.
मामला मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र का है. छात्र मूल रूप से बरुराज थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है. वह सहजानंद कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था. महिला इंजीनियर और उसके परिजनों को जब छात्र के मुजफ्फरपुर में होने की जानकारी मिली तो वे शुक्रवार को उसके किराए के मकान पर पहुंच गए. छात्र को कमरे में देखकर परिजनों ने उससे रुपये वापस करने की मांग शुरू कर दी. देखते ही देखते मौके पर हंगामा शुरू हो गया.
पिता ने डायल 112 पर दी सूचना
हंगामा बढ़ने के बाद छात्र के पिता ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया. महिला इंजीनियर और उसके परिजन रुपये वापस करने की मांग पर अड़े रहे. स्थिति को देखते हुए पुलिस दोनों पक्षों को सदर थाना लेकर पहुंची, जहां काफी देर तक बातचीत चली.
थाने में तीन महीने में रुपये लौटाने का बॉन्ड
थाने में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद छात्र ने तीन महीने के भीतर रुपये वापस करने का बॉन्ड बनाया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया. पुलिस ने छात्र को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया.
सदर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि क्रिप्टो और बिटकॉइन में निवेश से जुड़ा मामला नोएडा का है. इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से थाने में कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात सामने आई है. इसके बाद छात्र को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया.
शेयर बाजार में नुकसान के बाद क्रिप्टो में लगाया पैसा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह नीट की तैयारी के दौरान दिल्ली में कंसल्टेंसी का काम भी करता था. इसी दौरान उसने शेयर ट्रेडिंग शुरू की. वह खुद के साथ दूसरे लोगों के पैसे भी शेयर बाजार में लगाता था.
मध्य-पूर्व में युद्ध के दौरान शेयर बाजार में गिरावट आने से उसे काफी नुकसान हुआ. नुकसान की भरपाई के लिए उसने शेयर बाजार से पैसा निकालकर बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना शुरू कर दिया. छात्र के मुताबिक, क्रिप्टो मार्केट में भी उसे भारी नुकसान हुआ और करीब 2 करोड़ रुपये की रकम डूब गई.
महिला इंजीनियर और उसके परिजनों से भी लिए रुपये
छात्र ने कथित तौर पर क्रिप्टो में निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाकर दिल्ली में रहने वाली महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर और उसके परिजनों से भी करीब 35 से 40 लाख रुपये निवेश कराए थे. उन्हें तीन महीने के भीतर मुनाफे के साथ रकम वापस करने का भरोसा दिया गया था.
लेकिन क्रिप्टो में लगाए गए ये रुपये भी डूब गए. इसके बाद छात्र दिल्ली से मुजफ्फरपुर चला आया और सहजानंद कॉलोनी स्थित किराए के मकान में रहने लगा.
कई दिनों से संपर्क नहीं होने पर महिला इंजीनियर ने शुरू की तलाश
महिला इंजीनियर के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से छात्र उसके संपर्क में नहीं था. फोन करने पर वह कॉल रिसीव नहीं करता था. बाद में उसका मोबाइल भी बंद हो गया. महिला ने छात्र के पिता से संपर्क किया तो उन्होंने बेटे के दिल्ली में होने की बात बताई.
इसी बीच कुछ लोगों से छात्र के मुजफ्फरपुर में होने की जानकारी मिली. इसके बाद महिला इंजीनियर अपने परिजनों के साथ सहजानंद कॉलोनी पहुंची, जहां छात्र और उसके पिता दोनों मिल गए. रुपये को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया.
फिलहाल पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिलने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के आधार पर छात्र को पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया है.





