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Patna Coaching News : पटना के कोचिंग संस्थानों में अब QR Code से होगी फायर सेफ्टी जांच, 247 को नोटिस; नियम नहीं माने तो होगी सीलिंग

पटना में कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था अब QR कोड के जरिए डिजिटल निगरानी में होगी। स्कैन करते ही SOP फॉर्म खुलेगा और सुरक्षा मानकों की जांच होगी। 247 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी कर 10 दिनों में कमियां दूर करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

Patna Coaching News : पटना के कोचिंग संस्थानों में अब QR Code से होगी फायर सेफ्टी जांच, 247 को नोटिस; नियम नहीं माने तो होगी सीलिंग
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Patna Coaching News : राजधानी पटना में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अग्निशमन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहर के कोचिंग सेंटरों की फायर सेफ्टी जांच पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि डिजिटल सिस्टम के जरिए की जाएगी। इसके लिए विभाग ने QR कोड आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है, जिसके माध्यम से प्रत्येक संस्थान की सुरक्षा संबंधी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी और उसी आधार पर निरीक्षण किया जाएगा।


नई व्यवस्था का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करना और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराना है। विभाग का मानना है कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था से जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।


QR कोड स्कैन करते ही खुलेगा ऑनलाइन फॉर्म

अग्निशमन विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले QR कोड को स्कैन करते ही संबंधित कोचिंग संस्थान के लिए तैयार किया गया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का ऑनलाइन फॉर्म खुल जाएगा। यह फॉर्म तीन पन्नों का होगा, जिसमें संस्थान को अपनी पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी।


फॉर्म भरने के बाद विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचनाओं का सत्यापन किया जाएगा। यदि सभी जानकारी सही पाई जाती है और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है, तो संस्थान को उसका अलग QR कोड जारी किया जाएगा। यह QR कोड कोचिंग के मुख्य प्रवेश द्वार और अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाना अनिवार्य होगा।

देनी होगी संस्थान की विस्तृत जानकारी

ऑनलाइन फॉर्म में कोचिंग संस्थान से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी जाएंगी। इसमें संस्थान का नाम, संचालक का विवरण, पूरा पता, पंजीकरण की स्थिति, भवन में मौजूद फ्लोर की संख्या और पढ़ने वाले छात्रों की कुल संख्या शामिल होगी। इसके अलावा भवन में प्रवेश और निकास मार्गों की स्थिति, फायर स्मोक अलार्म की उपलब्धता, अग्निशमन यंत्र, वाटर हाइड्रेंट, इलेक्ट्रिकल पैनल तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की जानकारी भी दर्ज करनी होगी। इन सभी बिंदुओं के आधार पर विभाग सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन करेगा।


जांच के बाद मिलेगा फायर सेफ्टी ऑडिट प्रमाणपत्र

फॉर्म जमा होने के बाद अग्निशमन विभाग की टीम संबंधित कोचिंग संस्थान का भौतिक निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि ऑनलाइन दी गई जानकारी वास्तविक स्थिति से मेल खाती है या नहीं। यदि जांच में सभी सुरक्षा मानक निर्धारित नियमों के अनुरूप पाए जाते हैं, तो संस्थान को फायर सेफ्टी ऑडिट सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र इस बात का प्रमाण होगा कि संबंधित कोचिंग संस्थान आग से सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन कर रहा है।


पटना में बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण के कोचिंग

जिला अग्निशमन अधिकारी रितेश पांडेय के अनुसार पटना जिले में लगभग 1,256 कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। इनमें से केवल 529 संस्थानों का ही पंजीकरण हुआ है। वहीं अब तक 350 कोचिंग संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट पूरा किया जा चुका है। विभाग का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द सभी कोचिंग संस्थानों को इस डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाए और सुरक्षा जांच पूरी की जाए।


247 संस्थानों को नोटिस, 10 दिन की मोहलत

निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर अग्निशमन विभाग ने 247 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया है। इन संस्थानों को 10 दिनों के भीतर सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पूरे करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर कमियां दूर नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सील करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


कई संस्थानों में सामने आई गंभीर लापरवाही

जांच के दौरान कई कोचिंग संस्थानों में गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आई हैं। विभाग के अनुसार 165 संस्थानों में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा 106 कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था बेहद खराब पाई गई है। कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्र या तो मौजूद नहीं थे या फिर उपयोग योग्य स्थिति में नहीं मिले। ऐसे संस्थानों को तत्काल सुरक्षा मानकों में सुधार करने का निर्देश दिया गया है।


अग्निशमन विभाग का कहना है कि QR कोड आधारित यह नई व्यवस्था कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ संस्थानों की नियमित और पारदर्शी निगरानी भी संभव हो सकेगी।