Bihar Education News: शिक्षा विभाग के अधिकारी भी माल कमाने में किसी से कम नहीं. तभी तो एक प्रोग्राम पदाधिकारी ने 32 महीने में ही 2.5 करोड़ की कमाई कर ली. दबकि इतने दिनों में वेतन से सिर्फ 27.43 लाख ही मिले. खुलासे के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई न कर प्रतिनियुक्ति हटाकर मूल जगह पर भेज दिया है.इस संबंध में 29 जून को पत्र जारी किया गया है.
खुलासे के बाद शिक्षा विभाग ने प्रतिनियुक्ति किया खत्म
शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) मनोरंजन कुमार ने 29 जून को पत्र जारी किया है. शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया है कि अजीत अमर हरिजन कार्यक्रम पदाधिकारी सहरसा वर्तमान प्रतिनियुक्ति (सारण) का डेपुटेशन समाप्त किया जाता है. अब अजीत अमर कार्यक्रम पदाधिकारी के रूप में अपने मूल पदस्थापन जिला शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय सहरसा में तुरंत योगदान देना सुनिश्चित करें.
बता दें, सारण के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा, योजना एवं लेखा) अजीत अमर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में हैं।उप विकास आयुक्त सारण के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी. रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई के लिए इसे शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन को भेजा था. जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब 32 माह की अवधि में डीपीओ को वेतन के रूप में लगभग 27.43 लाख रुपये प्राप्त हुए, जबकि इसी दौरान उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 2.51 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन दर्ज किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि उनकी पत्नी के नाम पर एकमा प्रखंड में लगभग 120 कट्ठा भूमि करीब 41.50 लाख रुपये में खरीदी गई। इसके अतिरिक्त लाखों रुपये की लागत से मकान निर्माण कराए जाने की भी जानकारी मिली है। मामले की शुरुआत एक संवेदक द्वारा जिला लोक शिकायत निवारण कोषांग में दर्ज कराई गई शिकायत से हुई थी। शिकायत में कार्य दिलाने के नाम पर राशि मांगने का आरोप लगाया गया था।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता और डीपीओ के बीच वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य भी सामने आने की बात कही गई है। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में डीपीओ, उनकी पत्नी तथा अन्य स्वजनों के बैंक खातों और संपत्तियों की विस्तृत जांच कराने की अनुशंसा की है। साथ ही संबंधित बैंक, निबंधन विभाग और अन्य सक्षम प्राधिकारों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने की सिफारिश की गई है।






