ब्रेकिंग
बिहार के 29 जिलों में बनेंगे परीक्षा भवन और स्ट्रॉन्ग रूम, पेपर लीक रोकने की दिशा में सरकार का बड़ा कदमदिल को दहला देने वाली घटना: पत्थर से कुचलकर पत्नी सहित 3 बेटियों की हत्या, आरोपी पिता फरारसीतामढ़ी में जिला पार्षद पति की हत्या पर भड़के तेजस्वी यादव, निशाने पर सम्राट सरकारजेब में 50 रुपये, दिल में 5 साल का प्यार: प्रेमिका को ढूंढने UP से बिहार पहुंच गया आशिक, किराया नहीं दिया तो ऑटो वाले ने पहुंचाया धाने ‘अवसरवादी चेहरों को दी गई प्राथमिकता’, RJD MLC उम्मीदवारों के चयन पर रोहिणी आचार्य ने उठाए सवालबिहार के 29 जिलों में बनेंगे परीक्षा भवन और स्ट्रॉन्ग रूम, पेपर लीक रोकने की दिशा में सरकार का बड़ा कदमदिल को दहला देने वाली घटना: पत्थर से कुचलकर पत्नी सहित 3 बेटियों की हत्या, आरोपी पिता फरारसीतामढ़ी में जिला पार्षद पति की हत्या पर भड़के तेजस्वी यादव, निशाने पर सम्राट सरकारजेब में 50 रुपये, दिल में 5 साल का प्यार: प्रेमिका को ढूंढने UP से बिहार पहुंच गया आशिक, किराया नहीं दिया तो ऑटो वाले ने पहुंचाया धाने ‘अवसरवादी चेहरों को दी गई प्राथमिकता’, RJD MLC उम्मीदवारों के चयन पर रोहिणी आचार्य ने उठाए सवाल

जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर संकट, चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, विपक्षी पार्षद हुए गोलबंद

Bihar News: कैमूर जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह के खिलाफ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया है। उन पर मनमानी, पक्षपातपूर्ण कार्यशैली और विकास कार्यों की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं, जिससे उनकी कुर्सी पर संकट गहरा गया है।

Bihar News
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: कैमूर जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह की कुर्सी पर संकट के गहरे बादल मंडराने लगे हैं। जिला परिषद सदस्यों ने अध्यक्ष की कार्यशैली और कथित मनमानी के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोलते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल कर दिया है। असंतुष्ट सदस्यों का सीधा आरोप है कि अध्यक्ष केवल चुनिंदा क्षेत्रों में पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करवा रही हैं, जिससे पूरे कैमूर जिले का संतुलित विकास पूरी तरह ठप हो गया है।


गंभीर आरोप लगाते हुए जिला परिषद सदस्य विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने कहा कि रिंकी सिंह ने कार्यालय को अपनी मनमर्जी का केंद्र बना लिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जिले के तमाम क्षेत्रों के विकास कार्यों को रोककर सिर्फ एक ही क्षेत्र में लाइटें लगवाने का प्रयास किया जा रहा है। जनता से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का चयन न करना और मनमाने ढंग से जिला परिषद चलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


लल्लू पटेल ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए बताया कि जहां दो वर्ष पूरे होने पर पूर्व में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मत विभाजन नहीं हो सका था, वहां दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए। इसी कानूनी आधार पर यह प्रस्ताव दिया गया है और जिला प्रशासन से वोटिंग की तारीख तय करने की मांग की गई है।


अध्यक्ष को पदमुक्त करने के लिए विरोधी खेमे ने पूरी व्यूहरचना तैयार कर ली है। लल्लू पटेल के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव पर वर्तमान में 7 सदस्यों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं, जबकि 6 अन्य सदस्य भी उनके मजबूत संपर्क में हैं। 


उन्होंने दावा किया कि अध्यक्ष को अपनी कुर्सी बचाने के लिए 10 सदस्यों की जरूरत होगी, जो उनके पास नहीं है। कैमरे के सामने आने से हिचक रहे सदस्य भी वोटिंग के दिन साथ खड़े होंगे। इस सियासी सरगर्मी ने कैमूर की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है।

रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

Ranjan Kumar

FirstBihar संवाददाता