BIHAR NEWS : बिहार में सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari के आवास पर बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary और बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री Kumar Shailendra के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में बिहार की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गई और उन्हें तेजी से मंजूरी देकर निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर सहमति बनी।
बैठक के बाद पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने बताया कि पटना से औरंगाबाद होते हुए झारखंड सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-139 (NH-139) को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति दिलाने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंत्रालय के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।
औरंगाबाद, ओबरा और अंबा में बनेंगे बाईपास
मंत्री ने बताया कि फोरलेन परियोजना के तहत औरंगाबाद, ओबरा और अंबा में आधुनिक बाईपास का निर्माण भी किया जाएगा। इससे शहरों के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को सुगम एवं तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही दुर्घटनाओं में कमी आने और यात्रा समय घटने की भी उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार और झारखंड के बीच सड़क संपर्क पहले से कहीं अधिक बेहतर होगा। व्यापार, उद्योग और माल परिवहन को भी इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
रक्सौल-हल्दिया कॉरिडोर को छह लेन बनाने पर भी चर्चा
बैठक में केवल NH-139 ही नहीं, बल्कि राज्य की अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री कुमार शैलेंद्र ने बताया कि रक्सौल से हल्दिया तक के महत्वपूर्ण मार्ग को छह लेन में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। यदि यह योजना आगे बढ़ती है तो पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक गलियारों को नया आधार मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और नई सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सके।
केंद्र और राज्य के समन्वय से तेज होगा विकास
पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुई चर्चा सकारात्मक रही। दोनों सरकारें मिलकर बिहार की लंबित सड़क परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका कहना था कि बेहतर सड़कें राज्य के विकास की रीढ़ हैं और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
बैठक के बाद मंत्री कुमार शैलेंद्र ने विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उनके अनुसार वर्ष 2005 से पहले बिहार में सड़क, शिक्षा और आधारभूत संरचना की स्थिति बेहद कमजोर थी, जबकि वर्तमान सरकार ने इन क्षेत्रों में व्यापक बदलाव किए हैं।मंत्री ने दावा किया कि राज्य में लगातार सड़क निर्माण, पुलों और राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार हो रहा है। यही वजह है कि विपक्ष विकास के मुद्दे पर सरकार को घेरने में सफल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से कई नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिलेगी, जिससे बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और निवेश तथा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।





