Bihar News: प्यार कब, कहां और किससे हो जाए, यह कोई नहीं जानता। पश्चिम चंपारण के बगहा से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। एक युवती ने अपने पुराने रिश्ते को पीछे छोड़ते हुए उस शख्स का हाथ थाम लिया, जिसने मुश्किल समय में उसका साथ दिया। खास बात यह रही कि दोनों की शादी किसी मैरिज हॉल या मंदिर में नहीं, बल्कि शिकारपुर थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में संपन्न हुई।
मामला शिकारपुर थाना क्षेत्र का है। बताया जाता है कि रामपुर निवासी जनक राम के 21 वर्षीय पुत्र किशन कुमार और महेशपुर निवासी महेंद्र राम की 20 वर्षीय पुत्री सविता कुमारी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे और साथ जीवन बिताना चाहते थे।
जानकारी के अनुसार, सविता की शादी पहले फुलवरिया निवासी गोलू राम के साथ हुई थी। लेकिन शादी के बाद उसका वैवाहिक जीवन खुशहाल नहीं रहा। परिवार के लोगों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था और सविता काफी परेशान रहने लगी थी। हालात ऐसे हो गए कि उसने पति से अलग रहने का फैसला कर लिया।
इसी दौरान उसकी जिंदगी में किशन कुमार की एंट्री हुई। बताया जाता है कि किशन कोई अनजान व्यक्ति नहीं था। दरअसल, किशन के बड़े भाई विजय राम की शादी सविता की बड़ी बहन शोभा देवी से हुई है। इसी वजह से दोनों परिवारों के बीच पहले से रिश्तेदारी और आना-जाना था।
परिजनों के मुताबिक, सविता ने अपने जीवन की परेशानियों और दुखों को किशन के साथ साझा करना शुरू किया। बातचीत का सिलसिला बढ़ा तो दोनों एक-दूसरे को समझने लगे। धीरे-धीरे यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्यार में बदल गया।
समय के साथ दोनों को एहसास हुआ कि वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। जब यह बात परिवार के लोगों तक पहुंची तो शुरुआत में चर्चा हुई, लेकिन बाद में दोनों पक्षों ने उनकी खुशी को देखते हुए रिश्ते को मंजूरी दे दी।
इसके बाद शिकारपुर थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में शादी की तैयारियां की गईं। पुलिस अधिकारियों, परिजनों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सात फेरे लिए और एक-दूसरे का साथ निभाने का वादा किया।
शादी के बाद पंचायत समिति सदस्य कृपा साह ने नवदंपती को आर्थिक सहयोग देकर शुभकामनाएं दीं। वहीं पुलिसकर्मियों ने भी मिठाई मंगवाकर दोनों परिवारों का मुंह मीठा कराया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।





