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NHRC ने प्रत्यय अमृत समेत मुजफ्फरपुर के DM - SSP को किया दिल्ली तलब, जानिए क्या है पूरा मामला

MUZAFFARPUR : सरकारी अव्यवस्था के कारण अपनी दोनों किडनी गंवा चुकी सुनीता को इंसाफ दिलाने की आवाज लगातार सदन से सड़क तक उठी। उसके बाद अब इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सुन

NHRC ने प्रत्यय अमृत समेत मुजफ्फरपुर के DM - SSP को किया दिल्ली तलब, जानिए क्या है पूरा मामला
Tejpratap
Tejpratap
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MUZAFFARPUR : सरकारी अव्यवस्था के कारण अपनी दोनों किडनी गंवा चुकी सुनीता को इंसाफ दिलाने की आवाज लगातार सदन से सड़क तक उठी। उसके बाद अब इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव तथा जिले के डीएम व एसएसपी को आयोग के समक्ष सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया है। इसके साथ-ही-साथ आयोग ने मुख्य सचिव व डीजीपी बिहार को आदेश का अनुपालन कराने को अधिकृत किया है।


मालूम हो कि,राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से पीड़िता के किडनी प्रत्यारोपण पर चार सप्ताह के अंदर रिपोर्ट की मांग की थी। इसके साथ ही आयोग ने एसएसपी व डीएम मुजफ्फरपुर से मामले के सम्बन्ध में वर्तमान स्थिति से संबंधित रिपोर्ट की मांग की थी, जो आयोग को आजतक अप्राप्त है। इतना ही नहीं सुनीता को किडनी प्रत्यारोपित किए जाने की दिशा में भी प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई सकारात्मक पहल अबतक नहीं की गई है। इसके बाद 13 नवंबर को तीनो अधिकारियों को सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया।


इसके बाद अब आयोग ने इस मामले को गंभीरतापूर्वक लेते हुए मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा- 13 के तहत नोटिस जारी कर 13 नवंबर 2023 को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव तथा जिले के डीएम व एसएसपी को आयोग के समक्ष सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया है। जिसके बाद अब इस मामले में बिहार सरकार के वरीय अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। 


उधर,मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस. के. झा ने बताया कि पीड़िता की हालत दिनों-दिन ख़राब होती जा रही है। लेकिन आयोग के आदेश के बावजूद उसे किडनी प्रत्यारोपित किए जाने हेतु प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग द्वारा अबतक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। जो मानवाधिकार उल्लंघन के अतिगंभीर कोटि का मामला है। उन्होंने आयोग के द्वारा उठाये गए इस कदम को आवश्यक व सराहनीय बताया है।