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बिहार के हेल्थ सिस्टम की बदहाली देखिए: सरकारी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद नहीं मिला शव वाहन, देर रात स्ट्रेचर पर डेड बॉडी ले गए परिजन

बिहार में सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार बदहाल हो रही है। नवादा के अकबरपुर पीएचसी में महिला मरीज की मौत के बाद परिजन स्ट्रेचर पर शव ले गए, क्योंकि अस्पताल ने शव वाहन या एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराया।

Bihar Health System
© Reporter
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Health System: बिहार में स्वास्थ्य सेवा की बदहाली दूर होने का नाम नहीं ले रही है। सरकारें आईं और गईं लेकिन हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद राज्य के सरकारी अस्पतालों की हालत सुधरने के बजाए बिगड़ती जा रही है। राज्य के अलग-अलग जिलों से स्वास्थ्य सेवा की बदहाली की तस्वीरें अक्सर सामने आती रही हैं।


ताजा मामला नवादा के अकबरपुर पीएचसी से सामने आया है, जहां महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों को शव ले जाने के लिए न तो शव वाहन ही मिला और ना ही एम्बुलेंस की ही व्यवस्था की गई। ऐसे में मृतक मरीज के परिजन स्ट्रेचर पर ही शव को घर लेकर गए। तस्वीरे सामने आने के बाद लोगों के मन में यही सवाल है कि क्या बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था कभी नहीं सुधरेगी?


वीडियो वायरल होने के बाद नवादा के सिविल सर्जन डॉ. विनोद चौधरी ने इसको लेकर सफाई दी है और कहा है कि 102 एंबुलेंस से शव ले जाना नियमों में नहीं है। सिविल सर्जन साहब ने यह कहकर तो पल्ला झाड़ लिया कि एम्बुलेंस शव ले जाने के लिए नहीं है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए था कि शव को ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन की तरफ से शव वाहन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।


इससे पहले हाल ही में सहरसा सदर अस्पताल की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। अस्पताल में दो लोगों की मौत के बाद भी शवों को ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराया गया जिसके बाद परिजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था और शव को कंधे पर उठाकर पैदल चलकर पोस्टमार्टम रूम तक ले जाना पड़ा था।


वहीं दूसरी तरफ समस्तीपुर सदर अस्पताल में कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया था। पेट दर्द का इलाज करने आए मरीज का हाईटेक इलाज हुआ। जिसमें डॉक्टर चुप, स्टाफ निष्क्रिय और मरीज के पास बैठे भगत ने घंटों तक मंत्र पढ़कर झाड़-फूंक किया था।





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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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