Bihar News : बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। चंडी थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में शनिवार को एक ही परिवार के चार लोगों ने अलग-अलग तरीके से आत्महत्या का प्रयास किया। इस घटना में परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि चौथे सदस्य की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस सामूहिक त्रासदी ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। पुलिस शुरुआती जांच में घटना के पीछे कथित अवैध संबंध की आशंका जता रही है, जबकि ग्रामीण आर्थिक तंगी और पारिवारिक तनाव को भी संभावित वजह मान रहे हैं। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मृतकों की पहचान 62 वर्षीय दिलचंद्र तांती, उनके बड़े बेटे रंजीत कुमार (40) और बहू गौरी देवी (30) के रूप में हुई है। वहीं, छोटे बेटे पुरुषोत्तम कुमार (35) की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दिनभर में एक-एक कर उजड़ गया पूरा परिवार
जानकारी के अनुसार, शनिवार करीब 11 बजे सबसे पहले पुरुषोत्तम ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। परिवार के लोगों ने समय रहते उसे देख लिया और तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इसी दौरान घर में मौजूद रंजीत और उसकी पत्नी गौरी ने गेहूं में डालने वाली जहरीली कीटनाशक दवा खा ली। दोनों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
इधर, परिवार के अधिकांश सदस्य और गांव के लोग अस्पताल चले गए थे। इसी बीच घर में अकेले मौजूद दिलचंद्र तांती ने भी फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जब लोग अस्पताल से वापस लौटे तो उनका शव घर में लटका मिला। एक ही दिन में परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया।
मासूम बेटे ने बताई चौंकाने वाली बात
रंजीत और गौरी के चार वर्षीय बेटे प्रिंस ने पुलिस और परिजनों को बताया कि उसके माता-पिता उसे साथ लेकर माधोपुर बाजार गए थे। वहां से उन्होंने गेहूं में डालने वाली कीटनाशक दवा खरीदी थी। बच्चे के अनुसार, माता-पिता ने उसे भी वह दवा खाने के लिए दी थी, लेकिन उसने दवा फेंक दी। इस खुलासे के बाद पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि रंजीत और गौरी के तीन छोटे-छोटे बेटे हैं, जिनके सिर से अब माता-पिता का साया उठ गया है। इस घटना ने बच्चों के भविष्य को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
गांव में पसरा मातम, लोग नहीं समझ पा रहे वजह
विशुनपुर गांव के लोग इस घटना से पूरी तरह स्तब्ध हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रंजीत मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। वह ठेले पर मोमोज बेचकर घर चलाता था। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और अक्सर पैसों की तंगी का सामना करता था। कई लोगों का मानना है कि आर्थिक दबाव और घरेलू तनाव भी इस घटना की वजह हो सकते हैं।
हालांकि, अभी तक परिवार के किसी सदस्य ने आत्महत्या की असली वजह स्पष्ट नहीं बताई है। गांव में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन कोई भी आधिकारिक रूप से कुछ कहने की स्थिति में नहीं है।
पुलिस अवैध संबंध की आशंका पर कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही चंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
हिलसा के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच और पूछताछ में कथित अवैध संबंध को घटना की एक संभावित वजह के रूप में सामने आया है। हालांकि पुलिस अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सभी पहलुओं—पारिवारिक विवाद, आर्थिक स्थिति और अन्य संभावित कारणों—की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों, रिश्तेदारों और परिवार के परिचितों से पूछताछ कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, पारिवारिक संबंध और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बिना ठोस साक्ष्य के किसी एक कारण को अंतिम नहीं माना जा सकता।
नालंदा की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि पारिवारिक तनाव, आर्थिक कठिनाइयां और आपसी रिश्तों में पैदा होने वाले विवाद किस तरह गंभीर त्रासदी का रूप ले सकते हैं। फिलहाल पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक घटना से उबर नहीं पा रहे हैं। पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।




