MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले में 4 साल पहले हुए एक हाई-प्रोफाइल अपहरण मामले में अब राज्य सरकार ने संज्ञान लिया है। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी (DM) को एक आधिकारिक पत्र जारी कर मामले की त्वरित जांच और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस पूरे मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है।
मामला मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना अंतर्गत रेवा राठौर टोला का है, जहां 12 जुलाई 2022 को राजेंद्र कुमार सिंह का संदिग्ध परिस्थितियों में अपहरण कर लिया गया था। घटना के बाद सरैया थाना में कांड संख्या- 500/2022 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। हालांकि, घटना के चार साल बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों के हाथ पूरी तरह खाली हैं।
अपहृत राजेंद्र कुमार सिंह की पुत्री सुश्री नेहा सिंह ने इस ढुलमुल रवैए के खिलाफ राज्य सरकार के जन-शिकायत प्रकोष्ठ में न्याय की गुहार लगाई थी।आवेदिका का आरोप है कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों द्वारा उनके पिता की सकुशल बरामदगी के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। इतने लंबे समय के बाद भी पुलिस यह पता लगाने में नाकाम रही है कि अपहृत व्यक्ति जीवित हैं या मृत। इसके अतिरिक्त, मामले में नामजद मुख्य अभियुक्तों और अपराधियों के खिलाफ भी अब तक कोई दंडात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे पीड़ित परिवार गहरे सदमे और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
आवेदिका की गंभीर शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के अवर सचिव सुभाष कुमार ने गृह (आरक्षी) विभाग और मुजफ्फरपुर प्रशासन को पत्र भेजकर मामले की फाइलों को दोबारा खोलने का आदेश दिया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आवेदन में दिए गए तथ्यों की गहनता से जांच की जाए। साथ ही, अपहृत की जल्द से जल्द बरामदगी सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई से पीड़ित परिवार और विभाग को अवगत कराया जाए।





