ब्रेकिंग
Bihar News: जहानाबाद सदर अस्पताल में जनरेटर बिल में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट कहां है... क्या मामले को दबाने की हो रही कोशिश ?✦महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ, परिवार में खुशी का माहौल ✦पटना MLC चुनाव में PK का बड़ा ऐलान: शिक्षकों को 7वां वेतनमान और 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी का दावा✦‘किसी भी बेटी को अगर कोई छू ले तो 24 घंटे में सलाखों के पीछे होगा’, युवा संवाद में बोले सीएम सम्राट चौधरी✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर ✦Bihar News: जहानाबाद सदर अस्पताल में जनरेटर बिल में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट कहां है... क्या मामले को दबाने की हो रही कोशिश ?✦महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ, परिवार में खुशी का माहौल ✦पटना MLC चुनाव में PK का बड़ा ऐलान: शिक्षकों को 7वां वेतनमान और 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी का दावा✦‘किसी भी बेटी को अगर कोई छू ले तो 24 घंटे में सलाखों के पीछे होगा’, युवा संवाद में बोले सीएम सम्राट चौधरी✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर

पटना हाईकोर्ट ने डीएम पर लगाया जुर्माना, अपनी जेब से दंड की राशि भरने का आदेश

DESK : पटना हाई कोर्ट ने मुजफ्फरपुर के डीएम पर दस हज़ार रुपये का जुर्माना गया है. जस्टिस पी बी बजन्थरी ने राम शोभित पासवान द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिय

पटना हाईकोर्ट ने डीएम पर लगाया जुर्माना, अपनी जेब से दंड की राशि भरने का आदेश
Mukesh Srivastava
3 मिनट

DESK : पटना हाई कोर्ट ने मुजफ्फरपुर के डीएम पर दस हज़ार रुपये का जुर्माना गया है. जस्टिस पी बी बजन्थरी ने राम शोभित पासवान द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है. कोर्ट ने जिलाधिकारी को अपनी जेब से दंड की राशि को बिहार स्टेट लीगल सर्विसेज़ ऑथोरिटी, पटना में जमा करने को कहा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी ने 5 जनवरी 2021 को मुजफ्फरपुर में पदभार ग्रहण किया है. याचिकाकर्ता ने मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी द्वारा पारित आदेश को आंशिक तौर से रद्द करने को लेकर याचिका दायर की है.


याचिकाकर्ता की नियुक्ति दलपति के पद पर की गई थी. उसके बाद याचिकाकर्ता को पंचायत सेवक के पद पर नियुक्त कर दिया गया था. इस बीच पारस राय नाम के एक व्यक्ति ने याचिकाकर्ता की नियुक्ति को पटना हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. इस में यह कहा गया था कि याचिकाकर्ता की दलपति के पद पर नियुक्ति गैरकानूनी है. इसलिए पंचायत सेवक के पद पर बाद में की गई नियुक्ति भी गैरकानूनी है.


याचिका में आरोप लगाया गया था कि दलपति के पद पर याचिकाकर्ता की नियुक्ति संबंधित पंचायत के कार्यकारी कमेटी द्वारा नहीं की गई थी. आज कोर्ट के सामने उपस्थित मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी. जबकि जवाबी हलफनामा तैयार किये जाने के बाद वर्ष 2018 से ही जिलाधिकारी के कार्यालय में लंबित था. इसे कोर्ट में दाखिल नहीं किया जा सका था.


इसपर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि डीएम का साहस देखिए कि ये यह कह रहे हैं कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी. कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें जानकारी मिली है. इसके बाद 9 दिसंबर  2021 को जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया था. हालांकि याचिकाकर्ता की अधिवक्ता वागीशा प्रज्ञा ने बताया कि उन्हें अभी भी जवाबी हलफनामा की कॉपी नहीं मिली है. अब इस मामले पर आगे की सुनवाई अगले सप्ताह की जाएगी.

टैग्स