मुजफ्फरपुर: मोतीझील के 'सागर रेडीमेड’ पर सेल्स टैक्स का छापा, करोड़ों के स्टॉक में भारी गड़बड़ी की आशंका

होली से पहले मुजफ्फरपुर के मोतीझील स्थित कपड़ा शोरूम ‘सागर रेडीमेड’ पर सेल्स टैक्स विभाग ने छापेमारी की। लाखों के टैक्स चोरी की आशंका के बीच करोड़ों के स्टॉक और दस्तावेजों की जांच जारी है।

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Sat, 07 Feb 2026 05:08:04 PM IST

बिहार न्यूज

सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट की रेड - फ़ोटो सोशल मीडिया

MUZAFFARPUR: उत्तर बिहार की व्यापारिक मंडी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के मोतीझील इलाके में शनिवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सेल्स टैक्स (वाणिज्य कर विभाग) की एक विशेष टीम ने प्रसिद्ध कपड़ा शोरूम 'सागर रेडीमेड एक्सक्लूसिव' पर अचानक छापेमारी कर दी। त्योहारों के सीजन में हुई इस बड़ी कार्रवाई से पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। अन्य कपड़ा कारोबारी अपनी दुकानों के शटर गिराकर भूमिगत हो गए।


लाखों के टैक्स चोरी का खेल

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग को पिछले काफी समय से इस शोरूम के टर्नओवर और जमा किए जा रहे टैक्स के आंकड़ों में विसंगति की सूचना मिल रही थी। होली के त्योहार को देखते हुए शोरूम में करोड़ों रुपये का नया स्टॉक मंगाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि बिना बिल (कच्चे पर्चे) के माल मंगाकर सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। टीम इसी 'लाखों के खेल' की गुत्थी सुलझाने के लिए शोरूम के दस्तावेजों को खंगाल रही है।


छापेमारी की प्रक्रिया और सख्ती

दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही विभाग की गाड़ियों का काफिला मोतीझील पहुंचा, हड़कंप मच गया। टीम ने शोरूम में प्रवेश करते ही सबसे पहले सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर वहां मौजूद सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। इसके बाद शोरूम के प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने कंप्यूटर सिस्टम, बिलिंग मशीन, स्टॉक रजिस्टर और गोदाम में रखे माल का मिलान शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि शोरूम के ऊपरी तलों पर मौजूद स्टॉक की भी सघन तलाशी ली जा रही है।


बाजार में मचा हड़कंप

होली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने मोतीझील और सूतापट्टी जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों के व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। कार्रवाई की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैली, कई अन्य बड़े शोरूम संचालक भी अपनी वित्तीय अनियमितताओं के डर से दुकानों के शटर गिराकर निकल गए। व्यापारियों में चर्चा है कि विभाग की रडार पर शहर के कई और बड़े संस्थान भी हो सकते हैं।


आधिकारिक बयान का इंतजार

करीब तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया जारी है। टीम के साथ आए अधिकारियों ने अभी तक मीडिया को कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। उनका कहना है कि स्टॉक और कागजातों का मिलान पूरा होने के बाद ही टैक्स चोरी के वास्तविक आंकड़े सामने आ पाएंगे। संभावना है कि देर शाम तक विभाग इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी करे। फिलहाल, मुजफ्फरपुर के कपड़ा बाजार में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।