ब्रेकिंग
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रमाकांत दायमा का निधन, ‘स्कैम 1992’ से मिली थी खास पहचानमांझी ने फिर से बढ़ा दी BJP की टेंशन, MLC चुनाव की घोषणा होते ही ठोक दिया इतनी सीट पर दावाबिहार के 30 पंचायत सचिव पर गिरी गाज, हड़ताल और अनुपस्थिति पर DM का सख्त एक्शनकरा ली फजीहत ! ''भारतीय जनता....'' जब दल का नाम ही भूल गईं रितु जायसवाल, और हंसने भी लगीं, मंच पर मौजूद संजय सरावगी और दिलीप जायसवाल हतप्रभ, फिर...“अब विजय सिन्हा नहीं...विजय बिहारी हूं”- विभाग बदला, लेकिन जमीन बचाने की लड़ाई जारी रहेगी, पूर्व डिप्टी CM व कृषि मंत्री ने किया ऐलानहिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रमाकांत दायमा का निधन, ‘स्कैम 1992’ से मिली थी खास पहचानमांझी ने फिर से बढ़ा दी BJP की टेंशन, MLC चुनाव की घोषणा होते ही ठोक दिया इतनी सीट पर दावाबिहार के 30 पंचायत सचिव पर गिरी गाज, हड़ताल और अनुपस्थिति पर DM का सख्त एक्शनकरा ली फजीहत ! ''भारतीय जनता....'' जब दल का नाम ही भूल गईं रितु जायसवाल, और हंसने भी लगीं, मंच पर मौजूद संजय सरावगी और दिलीप जायसवाल हतप्रभ, फिर...“अब विजय सिन्हा नहीं...विजय बिहारी हूं”- विभाग बदला, लेकिन जमीन बचाने की लड़ाई जारी रहेगी, पूर्व डिप्टी CM व कृषि मंत्री ने किया ऐलान

भाइयों की लड़ाई बनी काल... बीच-बचाव में गई एक की जान, बेटे की मौत का सदमा न सह सकी मां; एक ही घर से उठीं दो अर्थियां

Bihar Crime News: मुजफ्फरपुर में एक पारिवारिक विवाद ने बड़ा दुखद रूप ले लिया। दो भाइयों के बीच झगड़े के दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक भाई की मौत हो गई। बेटे की मौत का सदमा उसकी मां सहन नहीं कर सकी और कुछ ही देर बाद उसकी की भी जान...

भाइयों की लड़ाई बनी काल... बीच-बचाव में गई एक की जान, बेटे की मौत का सदमा न सह सकी मां; एक ही घर से उठीं दो अर्थियां
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Crime News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां दो भाइयों के आपसी विवाद ने पूरे परिवार को उजाड़ कर रख दिया। मामूली झगड़े ने ऐसा भयावह रूप ले लिया कि एक भाई की जान चली गई, और उसके कुछ ही देर बाद मां भी बेटे के गम को सहन नहीं कर सकी। देखते ही देखते एक ही घर से दो अर्थियां उठीं और गांव में मातम पसर गया।


यह घटना बोचहां थाना क्षेत्र के करणपुर दक्षिणी पंचायत के वार्ड संख्या 6 की है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय रामबाबू सहनी के रूप में हुई है, जो मूकबधिर था। बताया जाता है कि रामबाबू अपने परिवार के साथ घर पर ही रहता था और बीमार मां पुकारी देवी (65) की देखभाल करता था।


परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, परिवार के चार भाइयों में से दो दिल्ली में मजदूरी करते हैं। हाल ही में मां की तबीयत खराब होने की सूचना पर एक भाई चंद्रमणि दिल्ली से घर लौटा था। घर में पहले से मौजूद मनोज और रामबाबू के बीच माहौल सामान्य था, लेकिन गुरुवार रात एक छोटी सी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।


बताया जा रहा है कि मनोज अपनी बीमार मां को अगरबत्ती दिखाने पहुंचा, जिस पर चंद्रमणि ने आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हुई, जो शुक्रवार को मारपीट में बदल गई। घर के आंगन में दोनों के बीच जमकर हाथापाई होने लगी।


इसी दौरान रामबाबू, जो बोल और सुन नहीं सकता था, अपने भाइयों को लड़ता देख बीच-बचाव के लिए आगे आया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। धक्का-मुक्की के दौरान उसे जोर का धक्का लगा और वह जमीन पर गिर पड़ा। गिरने के बाद वह बेहोश हो गया।


परिजन तुरंत उसे इलाज के लिए बोचहां अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घर में जैसे ही रामबाबू का शव पहुंचा, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही रही थी कि तभी एक और दुखद घटना ने सबको झकझोर दिया।


अपने बेटे की मौत का सदमा पुकारी देवी बर्दाश्त नहीं कर सकीं। कुछ ही देर बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। मां और बेटे की एक साथ मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। लोगों की आंखें नम हो गईं और हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध रह गया।


घटना की सूचना मिलते ही बोचहां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि सरोज सहनी, जदयू प्रखंड अध्यक्ष रामइकबाल सिंह सहित कई ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। गांव में पंचायत बैठी, जहां दोनों भाइयों को भविष्य में विवाद नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई।


ग्रामीणों के अनुसार, रामबाबू पहले से हृदय रोग से पीड़ित था और पुकारी देवी भी लंबे समय से बीमार थीं। लेकिन इस तरह एक साथ दोनों की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।