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मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल अग्निकांड: स्वास्थ्य विभाग ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को किया सस्पेंड, PHC छोड़ प्रसाद अस्पताल में दे रहे थे सेवा

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के प्रसाद क्लिनिक आईसीयू अग्निकांड मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बंदरा पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार को निलंबित कर दिया है। उन पर ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के गंभीर आरोप हैं।

Muzaffarpur Hospital Fire
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने के मामले में जिला पदाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। इस संबंध में डीएम की अनुशंसा पर स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बंदरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार को निलंबित कर दिया है। 


दरअसल, 4 जून को प्रसाद क्लिनिक के आईसीयू में घटित अग्निकांड के समय डॉ पंकज कुमार आईसीयू में ड्यूटी पर थे तथा आगलगी के दरम्यान मरीज को छोड़कर फरार हो जाने का आरोप है। साथ ही सरकारी सेवा में रहने के बावजूद उनके द्वारा निजी अस्पताल में सेवाएं देना तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंदरा से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने का भी उनके विरूद्ध आरोप है।


प्रसाद हॉस्पिटल जैसे संवेदनशील मामले में उनकी जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण थी। इसके बावजूद उनके द्वारा ड्यूटी छोड़ने को गंभीर प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी लापरवाही माना गया है। कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं मरीजों के प्रति संवेदनहीनता को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(1)(क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से   निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना द्वारा निर्धारित किया जाएगा तथा उन्हें नियमानुसार केवल जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की विस्तृत विभागीय जांच भी कराई जाएगी।


इधर, डीएम जिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों के विरुद्ध लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 25 स्वास्थ्य संस्थानों को सरकारी प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले को गंभीरता से लेते हुए सील कर दिया गया है। जाँच अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।


इस संबंध में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही को गंभीरता से लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मरीजों के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपातकालीन परिस्थितियों में तैनात चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से पूर्ण जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है। 


जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिले मे एईएस एवं आपदा के संभावित खतरे को देखते हुए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी ड्यूटी के प्रति पूर्णतः सजग एवं उत्तरदायी रहें तथा आपदा या आपातकालीन स्थिति में निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता