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Bihar News: बिहार के इस शहर में एरियल सर्वे जल्द, सभी मकानों को मिलेगा हाईटेक क्यूआर कोड

Bihar News: बिहार के इस शहर में मकानों की नए सिरे से नंबरिंग के लिए एरियल सर्वे होगा। हाईटेक क्यूआर कोड नंबर प्लेट से शिकायत और संपत्ति कर संग्रह भी होगा आसान..

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार में मुजफ्फरपुर नगर निगम ने शहर के सभी निजी और सरकारी भवनों की नंबरिंग को अब नए सिरे से करने का फैसला लिया है। इसके लिए जल्द ही एरियल सर्वे कराया जाएगा, जिससे भवनों की सटीक स्थिति का पता चलेगा। मकानों पर हाईटेक नंबर प्लेट लगाई जाएगी, जिसमें क्यूआर कोड होगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन कर नागरिक नगर निगम से संबंधित शिकायतें आसानी से दर्ज कर सकेंगे। साथ ही, मोबाइल पर होल्डिंग नंबर डालकर मकान का पता और अन्य जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी। इस योजना से संपत्ति कर संग्रह में सुधार होगा और शहर का नियोजित विकास संभव हो सकेगा।


नगर निगम प्रशासन इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दे रहा है, इसे जल्द ही सशक्त स्थायी समिति और नगर निगम बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद इस पर काम शुरू होगा। नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने बताया है कि बोर्ड की मंजूरी मिलने पर एक निजी एजेंसी को सर्वे का जिम्मा सौंपा जाएगा। पहले चरण में एरियल सर्वे के जरिए सभी सरकारी और गैर-सरकारी भवनों की तस्वीरें ली जाएंगी। दूसरे चरण में घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा, जिससे उन भवनों की जानकारी मिलेगी जो अब तक संपत्ति कर के दायरे से बाहर हैं। इससे निगम की आय बढ़ेगी और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।


यह पहल शहर को हाईटेक और नियोजित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नगर आयुक्त ने बताया है कि लंबे समय से भवनों की नंबरिंग नहीं हुई है, जिसके कारण कर संग्रह में कमी देखी जा रही है। एरियल सर्वे और नई नंबरिंग से यह समस्या दूर होगी। क्यूआर कोड वाली नंबर प्लेट्स शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाएंगी और नगर निगम के डिजिटल डेटाबेस को भी मजबूत करेंगी। इससे भविष्य में शहरी योजना और विकास कार्यों को गति मिलेगी।


हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब ऐसी योजना बनी है। एक दशक पहले भी मैप माई इंडिया को एरियल सर्वे का जिम्मा दिया गया था। तब सर्वे में होल्डिंग की संख्या निगम के अनुमान से अधिक थी और घर-घर सर्वे शुरू भी हुआ था। लेकिन यह योजना फिर बीच में ही रुक गई। इस बार उम्मीद है कि यह योजना पूरी होकर मुजफ्फरपुर को विकास के नए रास्ते पर ले जाएगी।