ब्रेकिंग
नालंदा में 500 रुपये मजदूरी मांगने पर हलवाई ने दी खौफनाक सजा, हेल्पर को खौलते तेल में फेंकने का आरोप, 8 दिन बाद मौत✦बिहार में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: रेलवे स्टेशन के पास से 1 करोड़ की ब्राउन शुगर बरामद, 3 तस्कर गिरफ्तार✦इश्क में हैवान बना प्रेमी... मामा की बेटी के चक्कर में नानी की चाकू गोदकर हत्या, वारदात से हड़कंप✦बिहार विधान परिषद का चुनावी रण: 5.32 लाख मतदाता करेंगे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला, पटना स्नातक सीट पर दिलचस्प मुकाबला✦बिहार में PhD की डिग्री के लिए जरूरी हुआ शोध... गंगा पोर्टल पर अपलोड करना होगा थीसिस, विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी✦नालंदा में 500 रुपये मजदूरी मांगने पर हलवाई ने दी खौफनाक सजा, हेल्पर को खौलते तेल में फेंकने का आरोप, 8 दिन बाद मौत✦बिहार में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: रेलवे स्टेशन के पास से 1 करोड़ की ब्राउन शुगर बरामद, 3 तस्कर गिरफ्तार✦इश्क में हैवान बना प्रेमी... मामा की बेटी के चक्कर में नानी की चाकू गोदकर हत्या, वारदात से हड़कंप✦बिहार विधान परिषद का चुनावी रण: 5.32 लाख मतदाता करेंगे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला, पटना स्नातक सीट पर दिलचस्प मुकाबला✦बिहार में PhD की डिग्री के लिए जरूरी हुआ शोध... गंगा पोर्टल पर अपलोड करना होगा थीसिस, विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी

मुंगेर में नए साल का अनोखा जश्न, 2025 की निकाली शव यात्रा, पूरे रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार

बिहार के मुंगेर में बच्चों ने साल 2025 को विदा करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। पूरे रीति-रिवाज के साथ 2025 की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर नए साल 2026 का स्वागत किया गया।

bihar
नए साल का स्वागत पुराने साल की विदाई
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUNGER: जहां लोग आमतौर पर पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत को पार्टी, आतिशबाजी और जश्न के साथ मनाते हैं, वहीं बिहार के मुंगेर जिले में बच्चों ने साल 2025 को विदा करने का बिल्कुल अलग और अनोखा तरीका अपनाया। यहां बच्चों ने पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ वर्ष 2025 की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उसे श्मशान घाट तक ले जाकर अंतिम विदाई दी।


यह अनोखा नजारा मुंगेर के बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-80 पर देखने को मिला। बच्चों की टोली चार कंधों पर “वर्ष 2025” की अर्थी उठाए चल रही थी। आगे-आगे कुछ बच्चे सफेद धोती लपेटे हुए, हाथ में घईला में जलती अग्नि लेकर “राम नाम सत्य है” के नारे लगाते नजर आए। पूरी प्रक्रिया हूबहू एक पारंपरिक शव यात्रा जैसी थी।


अचानक सड़क पर इस दृश्य को देखकर मुंगेर–भागलपुर मुख्य मार्ग पर लोगों के बीच कौतूहल मच गया। आने-जाने वाले वाहन रुक गए, यहां तक कि एक पुलिस वाहन भी ठहर गया और लोग यह समझने की कोशिश करने लगे कि आखिर मामला क्या है। जब लोगों को पता चला कि यह साल 2025 की प्रतीकात्मक अर्थी है, तो माहौल हल्का हो गया और लोग हंसते हुए इस अनोखे जश्न का आनंद लेने लगे।


जब बच्चों से पूछा गया कि यह सब क्यों किया जा रहा है, तो उनका जवाब भी उतना ही दिलचस्प था। बच्चों ने कहा, “सर, हम वर्ष 2025 की अर्थी निकाल रहे हैं, उसका दाह संस्कार किया जाएगा और फिर नए साल 2026 का स्वागत करेंगे।”इस अनोखी पहल ने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि नए साल के स्वागत को यादगार और चर्चा का विषय भी बना दिया।

मोहम्मद इम्तियाज खान की रिपोर्ट

मुंगेर में नए साल का अनोखा जश्न, 2025 की निकाली शव यात्रा, पूरे रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कारमुंगेर में नए साल का अनोखा जश्न, 2025 की निकाली शव यात्रा, पूरे रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार

टैग्स