Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। कुल 5,32,847 पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव में एनडीए, महागठबंधन और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। वहीं, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबला चर्चा में है।
बिहार की चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 4,92,594 मतदाता पंजीकृत हैं। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, तिरहुत स्नातक सीट पर सबसे अधिक 1,43,988 मतदाता हैं। इसके बाद कोसी स्नातक सीट पर 1,34,072, दरभंगा स्नातक सीट पर 1,26,951 और पटना स्नातक सीट पर 87,583 मतदाता पंजीकृत हैं। इन सीटों पर विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। स्नातक मतदाताओं की संख्या को देखते हुए राजनीतिक दल और प्रत्याशी अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव की चर्चित सीटों में शामिल है। यहां जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार मैदान में हैं, जबकि जन सुराज की ओर से अनुज सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। इस मुकाबले को उस समय और दिलचस्प माना जाने लगा, जब जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही। इस घटनाक्रम के बाद पटना स्नातक सीट पर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 40,253 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 30,677 पुरुष, 9,573 महिलाएं और तीन थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के नवल किशोर यादव और राजद के डॉ. संजीव कुमार के बीच मुकाबला है। पटना शिक्षक सीट पर 11,719 मतदाता, सारण शिक्षक सीट पर 10,748 मतदाता, दरभंगा शिक्षक सीट पर 9,026 मतदाता और तिरहुत शिक्षक सीट 8,760 मतदाता उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वेतन, तबादले और शिक्षकों की लंबित समस्याएं प्रमुख चुनावी मुद्दे माने जा रहे हैं।
निर्वाचन आयोग निष्पक्ष और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए बैलेट पेपर और फोटो पहचान पत्र का इस्तेमाल कराएगा। मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी, जिसके साथ ही आठों सीटों के चुनाव परिणाम सामने आएंगे। इन चुनावों में राजनीतिक दलों के प्रदर्शन के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों और प्रत्याशियों के समर्थन आधार पर भी सबकी नजर रहेगी।





