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अब संभलकर चलिए! मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु पर भारी वाहनों की एंट्री बंद, बदल गया पूरा रूट प्लान

Bihar News: बिहार में पुलों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रशासन के नए फैसले के बाद अब एक प्रमुख सेतु पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है, जिससे परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। पूरी जानकारी आगे पढ़ें...

अब संभलकर चलिए! मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु पर भारी वाहनों की एंट्री बंद, बदल गया पूरा रूट प्लान
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार में लगातार पुलों की स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटने के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। यह कदम पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।


प्रशासन के अनुसार अब इस पुल से केवल 20 टन तक वजन वाले वाहनों को ही गुजरने की अनुमति होगी। इससे अधिक वजन वाले सभी ट्रकों और बड़े वाहनों को अब वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करना होगा। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी हालत में ओवरलोड वाहनों को पुल पर चढ़ने नहीं दिया जाएगा।


दरअसल, हाल ही में विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन गंगा नदी में गिर गया था, जिसके बाद पूरे राज्य में पुलों की मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी के बाद मुंगेर के इस महत्वपूर्ण पुल को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।


अब भारी वाहनों के लिए नया रूट तय किया गया है। उन्हें बेगूसराय से सिमरिया सिक्सलेन पुल, हाथीदह, मोकामा होते हुए मुंगेर और भागलपुर की ओर जाना होगा। यानी अब उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच भारी वाहनों का दबाव एक ही बड़े पुल पर आ गया है।


इस फैसले के बाद सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। खासकर सिमरिया-खगड़िया फोरलेन सड़क पर पहले से ही अधूरे निर्माण और जाम की समस्या बनी हुई है। ऐसे में अब यहां वाहनों की संख्या और बढ़ेगी, जिससे लोगों को आने-जाने में ज्यादा समय लग सकता है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई सालों से सड़क निर्माण अधूरा है, लेकिन टोल वसूली जारी है। कई जगहों पर बाजार और सड़क एक साथ होने के कारण जाम की समस्या आम हो गई है। ऐसे में भारी वाहनों का अतिरिक्त दबाव स्थिति को और खराब कर सकता है।


वहीं, राजेन्द्र सेतु पर भी मरम्मत कार्य जारी है, जिससे वहां भी आवागमन प्रभावित हो रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बिहार के पुलों और सड़क व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


फिलहाल प्रशासन का कहना है कि यह फैसला लोगों की सुरक्षा के लिए लिया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब आम लोगों और ट्रांसपोर्टरों दोनों को लंबा और मुश्किल रास्ता तय करना पड़ेगा।