मधेपुरा में नवजात की मौत पर बड़ी कार्रवाई, सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल सील

मधेपुरा में नवजात की मौत, इलाज में लापरवाही और अवैध वसूली के आरोपों के बाद सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को सील कर दिया। मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 06 Feb 2026 07:45:55 PM IST

बिहार न्यूज

- फ़ोटो सोशल मीडिया

MADHEPURA: मधेपुरा के सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल पर सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। नवजात की मौत के बाद अवैध वसूली मामले में उक्त अस्पताल को सील कर दिया गया है। प्राइवेट नर्सिंग होम पर इस कार्रवाई पर इलाके के तमाम निजी अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है. 


मधेपुरा के सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल पर इलाज के नाम पर अवैध वसूली, बदसलूकी और लापरवाही का आरोप लगाया गया था। मधेपुरा के ग्वालपाड़ा प्रखंड के रसना पंचायत के वार्ड 09 निवासी प्रकाश मंडल एवं उनकी पत्नी मीरा कुमारी ने जिलाधिकारी अभिषेक रंजन से शिकायत की थी। आवेदन देकर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी थी। 


मीरा कुमारी ने बताया कि 3 फरवरी को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उन्हें ग्वालपाड़ा सीएचसी ले जाया गया, लेकिन उपकरण की कमी का बहाना बनाकर उन्हें रेफर कर दिया गया। इसी बीच मधेपुरा पहुंचते ही दो दलाल एंबुलेंस रोककर कहने लगा कि सदर अस्पताल में बेड खाली नहीं है। उन्हें कर्पूरी चौक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। मीरा देवी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाये। 


कहा कि नवजात को आईसीयू में भर्ती कराने के नाम पर पहले 5,000 और बाद में 4,000 रुपये वसूले गये। बाद में डॉक्टरों ने 50,000 रुपये तक खर्च होने की बात कही और लगातार पैसे का  दबाव बनाने लगे। गरीबी के कारण जब परिजनों ने पैसे देने से मना किया और अपनी मजबुरी बताई तो अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और नवजात को देखने तक नहीं दिया गया। 


आरोप है कि इलाज में लापरवाह के कारण नवजात की हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश करने लगे और परिजनों को बाहर खदेड़ दिया। मामला सामने आने के बाद सिविल सर्जन डा. विजय कुमार ने कार्रवाई करते हुए सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को सील कर दिया। फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है।