Bihar News: बड़े खिलाड़ी RWD कार्यपालक अभियंता के खिलाफ एक्शन वाली फाइल डंप करा दी गई ? 2025 से 2026 आ गया पर फर्जी वर्क सर्टिफिकेट जारी करने वाले E.E. पर कार्रवाई नहीं, जानें क्या था मामला...

लखीसराय में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा ठेकेदार को फर्जी मास्टिक वर्क सर्टिफिकेट जारी करने का मामला सामने आया है। पथ निर्माण विभाग ने 4 दिसंबर 2025 को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा, लेकिन 11 फरवरी 2026 तक कोई एक्शन नहीं हुआ।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Wed, 11 Feb 2026 03:10:57 PM IST

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Bihar News:  ठेकेदार को फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ एक्शन वाली फाइल डंप करा दी गई ? इसकी पूरी संभावना दिखाई पड़ने लगी है, क्यों कि 2 महीने से अधिक का समय बीत गया लेकिन बड़े खेल में शामिल कार्यपालक अभियंता पर कोई एक्शन नहीं हुआ। पथ निर्माण विभाग ने ग्रामीण कार्य विभाग के लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता और ठेकेदार के गठजोड़ को उजागर किया था. आरसीडी के अभियंता प्रमुख ने ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख को चिट्ठी लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी थी. साथ ही फर्जी वर्क सर्टिफिकेट जारी करने वाले आरोपी कार्यपालक अभियंता पर कार्रवाई करने को कहा था. 

साल बीत गया, पर आरोपी कार्यपालक अभियंता पर कोई एक्शन नहीं !

 पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने 4 दिसंबर 2025 को ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख को पत्र लिखा था. जिसमें लखीसराय ग्रामीण कार्य विभाग के वर्तमान कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था. 4 दिसंबर 2025 से 11 फरवरी 2026 आ गया, पर आरोपी कार्यपालक अभियंता पर कोई एक्शन नहीं हुआ है. एक्शन होगा या नहीं, यह भी बताने को विभाग के अधिकारी तैयार नहीं. सूत्र बताते हैं कि आरड्ब्लूडी लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से सिर्फ स्पष्टीकरण मांग कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.  

अभियंता ने ठेकेदार को मास्टिक वर्क का फर्जी वर्क सर्टिफिकेट देकर किया था खेल 

बता दें, पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया था कि ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने एक ठेकेदार डी.के ब्रदर्स ट्रेड con. को 4 अप्रैल 2025, 16 जनवरी 2025 के अलावे 2022 में भी अलग-अलग प्रकार का अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है. 7 जुलाई 2025 को इन पत्रों का सत्यापन किए जाने के बाद जारी किए  गए अनुभव प्रमाण पत्र भिन्न पाया गया है . ऐसे में आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई कर, हमें जानकारी दें.ग्रामीण कार्य विभाग के लखीसराय पथ प्रमंडल के वर्तमान कार्यपालक अभियंता ने एक ठेकेदार को मास्टिक वर्क का फर्जी वर्क सर्टिफिकेट दिया था. 

आरसीडी अभियंता प्रमुख ने मामले से झाड़ा था पल्ला 

1st Bihar/Jharkhand ने 9 जनवरी 2026 को ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख,(जिनके पास पथ निर्माण विभाग ने कार्यवाई से संबंधित पत्र भेजा था) से पूछा गया था. तब उन्होंने कहा था कि पत्र मेरे पास जरूर आया, लेकिन कार्रवाई वो नहीं करते हैं. इसके लिए अलग विंग बना हुआ है. हमने उक्त पत्र को ऊपर में भेज दिया है. आप इस संबंध में ऊपर में पूछिए, वहीं से कार्रवाई से संबंधित जानकारी मिलेगी. हालांकि अभी तक न नीचे से और न ऊपर से कोई एक्शन नहीं लिया गया है. फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले कार्यपालक अभियंता आज भी लखीसराय में ठाठ से नौकरी कर रहे हैं. ऐसा लग रहा कि पथ निर्माण विभाग के पत्र को ग्रामीण कार्य विभाग ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया है.

17 नवंबर 2025 को आरसीडी अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में हुई थी बैठक

बता दें, पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में 17 नवंबर 2025 को बैठक हुई थी. बैठक में पथ प्रमंडल लखीसराय के अंतर्गत एक सड़क की पुनर्निविदा की तकनीकी बीड़ को लेकर एक परिवाद प्राप्त हुआ था. जिसके बाद यह बैठक की गई . बैठक में एक ठेकेदार डी.के. ब्रदर्स ट्रेड con द्वारा दिए गए अनुभव प्रमाण पत्र की जांच की गई. ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता (लखीसराय) के द्वारा 7 जुलाई 2025 एवं 28 अगस्त 2025 द्वारा भिन्न-भिन्न अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत किए गए हैं. इसके लिए कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियंता प्रमुख ग्रामीण कार्य विभाग को भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया था.

निविदा के दौरान ठेकेदार-इंजीनियर गठजोड़ की खुली पोल

दरअसल, लखीसराय जिले में पथ निर्माण विभाग द्वारा निर्माण किए जाने वाली एक सड़क के लिए तीन ठेकेदारों ने निविदा डाला था. उसमें संजीव कुमार नामक एक ठेकेदार थे. ठेकेदार संजीव कुमार ने विभाग में कंप्लेंट लगाया कि डी.के. ब्रदर्स. ट्रेडर्स con द्वारा दिया गया वर्क एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट फर्जी है.ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा पूरे लखीसराय जिले में कहीं पर भी मास्टिक सड़क का कार्य नहीं कराया गया है. शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा था कि हमने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता से भी दूरभाष पर बात की. उनके द्वारा बताया गया कि हमारे विभाग द्वारा अभी तक मास्टिक का कार्य नहीं कराया गया है, न ही हमने मास्टिक कार्य के लिए सर्टिफिकेट दिया है. ऐसे में डी.के. ब्रदर्स के फर्जी सर्टिफिकेट पर कार्रवाई की जाए

कार्यपालक अभियंता ने जारी किया था सर्टिफिकेट

शिकायत के बाद विभाग में परिवाद की समीक्षा की गई. जिसमें पाया गया की डी.के. ब्रदर्स ट्रेड्स मास्टिक वर्क का न्यूनतम अर्हता पूर्ण नहीं कर पा रहा. ऐसे में इनको असफल घोषित किया जाता है. जबकि कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय द्वारा 7 जुलाई 2025 को डी.के. ब्रदर्स ट्रेड को इस संबंध में एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट को सत्यापित किया था.