Bihar News : बिहार के खगड़िया जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। परबत्ता थाना क्षेत्र के कबेला गांव में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से जवाहर नवोदय विद्यालय के एक छात्र की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई बाल-बाल बच गया। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान 12 वर्षीय उत्कर्ष कुमार के रूप में हुई है। वह अपने बड़े भाई 14 वर्षीय दिव्यांश कुमार के साथ गर्मी की छुट्टियों में स्कूल से अपने गांव आया हुआ था। दोनों भाई जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को गांव के समीप स्थित एक पानी से भरे गड्ढे में परिवार की भैंस चली गई थी। भैंस को बाहर निकालने के लिए दोनों भाई वहां पहुंचे। इसी दौरान भैंस को निकालने के प्रयास में बड़ा भाई दिव्यांश गहरे पानी में फंस गया और डूबने लगा। अपने बड़े भाई को संकट में देखकर छोटा भाई उत्कर्ष उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में उतर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उत्कर्ष ने साहस दिखाते हुए अपने भाई को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की, लेकिन इस दौरान वह खुद गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। देखते ही देखते वह पानी में गायब हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर उसकी तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद उत्कर्ष को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद गांव में मातम पसर गया।
मृतक के परिजनों ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ाई में काफी अच्छे थे और गर्मी की छुट्टियों के कारण कुछ दिनों पहले ही गांव लौटे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि छुट्टियां इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएंगी। परिजनों का कहना है कि उत्कर्ष बेहद होनहार और मिलनसार स्वभाव का था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मृतक के घर पहुंचने लगे। गांव के लोगों ने बताया कि उत्कर्ष ने अपने बड़े भाई की जान बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी। उसके साहस और भाई के प्रति प्रेम की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
स्थानीय प्रशासन को भी घटना की जानकारी दी गई है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास मौजूद कई गहरे गड्ढों में बारिश और जलभराव के कारण पानी जमा रहता है, जिससे अक्सर हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।
फिलहाल, उत्कर्ष कुमार की मौत से परिवार सदमे में है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। एक बहादुर बेटे ने अपने बड़े भाई को बचाने की कोशिश में अपनी जिंदगी गंवा दी, जिससे यह घटना हर किसी की आंखें नम कर रही है।



