आईएसएम पटना: इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (आईएसएम), पटना ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स एंड कल्चरल फेडरेशन (AIUSCF) के सहयोग से आयोजित ‘भारत कला कुंभ : यूनिफेस्टा-2026 ट्रॉफी लॉन्चिंग समारोह’ के दौरान यूनिफेस्टा-2026 ट्रॉफी का भव्य अनावरण किया। इस अवसर के साथ देश के सबसे बड़े अंतर-विश्वविद्यालयीय सांस्कृतिक महोत्सवों में से एक ‘यूनिफेस्टा-2026’ की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
इस समारोह के माध्यम से यूनिफेस्टा-2026 की आधिकारिक घोषणा की गई, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत का उत्सव मनाते हुए देशभर के विश्वविद्यालयों के युवा प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम का आयोजन उपाध्यक्ष श्री देवल सिंह के नेतृत्व तथा अकादमिक हेड डॉ. श्वेता रानी एवं प्रशासक, आईक्यूएसी समन्वयक तथा यूनिफेस्टा बिहार समन्वयक सुश्री नीरू कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन एवं प्रभावशाली मंच संचालन सांस्कृतिक समिति की समन्वयक सुश्री स्वाति सवर्ण ने किया।
समारोह में शिक्षा, संस्कृति एवं उच्च शिक्षा जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) उषा विद्यार्थी, प्राचार्या, खगौल महिला महाविद्यालय एवं पूर्व विधायक, पालीगंज थीं तथा विषित अतिथियों में प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार, प्राचार्य, पटना कॉलेज; डॉ. सुनील कुमार सिंह, राष्ट्रीय संयोजक, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स एंड कल्चरल फेडरेशन; श्री उमेश सिंह, राज्य संयोजक, यूनिफेस्टा-2026; तथा प्रसिद्ध फैशन डिज़ाइनर डॉ. अपराजिता कृष्णा शामिल थीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के पारंपरिक स्वागत, स्वागत उद्बोधन, दीप प्रज्वलन तथा बीबीए एवं बीसीए की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गणेश वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा एवं भारतीय परंपरा की सुगंध से अनुप्राणित कर दिया। तत्पश्चात शिक्षा, संस्कृति एवं युवा विकास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया।
नीरू कुमारी ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के भावनात्मक विकास, प्रभावी संप्रेषण कौशल, तनाव प्रबंधन तथा समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर भी समान रूप से बल देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सह-पाठ्यक्रम एवं पाठ्येतर गतिविधियाँ विद्यार्थियों को संगीत, नृत्य, ललित कला, पाक-कला तथा मंच संचालन जैसी विविध विधाओं में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और अपने संस्थान का गौरव बढ़ाने का अवसर प्रदान करती हैं। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने “हम किसी से कम नहीं” के मंत्र के साथ राष्ट्रीय स्तर पर आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया।
अपने प्रेरक संबोधन में प्रो. (डॉ.) उषा विद्यार्थी ने आईएसएम पटना में यूनिफेस्टा-2026 ट्रॉफी का अनावरण करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपने छात्र जीवन को स्मरण करते हुए बताया कि वे पटना विश्वविद्यालय में रनर-अप रही थीं तथा 400 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि खेलों ने उनके जीवन में अनुशासन, संघर्षशीलता, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का विकास किया। उन्होंने इस प्रेरणादायी पहल के लिए आईएसएम प्रबंधन, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि बिहार आज प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है और वास्तविक परिवर्तन सकारात्मक सोच से प्रारंभ होता है। विद्यार्थियों को कठोर परिश्रम, दृढ़ निश्चय और सतत् सीखने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि आज की बेटियाँ शारीरिक एवं मानसिक दोनों ही दृष्टियों से समान रूप से सक्षम हैं और हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से खेलों को शिक्षा के समान महत्व देने का आग्रह करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार, संस्कृति, लक्ष्य निर्धारण तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। उन्होंने महान धाविका पी. टी. उषा का उदाहरण देते हुए कहा कि समर्पण और निरंतर प्रयास से सफलता के सभी द्वार खुल जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने उत्कृष्ट कार्यों से अपने माता-पिता, संस्थान और बिहार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अन्य वक्ताओं ने विश्वविद्यालय स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सवों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं की सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करने, भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण तथा विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों के बीच संवाद एवं राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आईएसएम पटना एवं एआईयूएससीएफ की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए इसे युवाओं में कला, नेतृत्व, नवाचार, टीम भावना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाला राष्ट्रीय मंच बताया।
कार्यक्रम का सर्वाधिक आकर्षक एवं ऐतिहासिक क्षण यूनिफेस्टा-2026 ट्रॉफी का भव्य अनावरण रहा। ट्रॉफी के अनावरण के साथ ही आगामी राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव की औपचारिक उलटी गिनती प्रारंभ हो गई। उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया, जिसने आगामी महोत्सव को लेकर विद्यार्थियों एवं शिक्षाविदों के उत्साह को और अधिक प्रबल कर दिया।
इस अवसर पर आयोजकों ने घोषणा की कि भारत कला कुंभ-2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाला यूनिफेस्टा-2026 आगामी 1 से 5 दिसंबर 2026 तक पटना, बिहार में आयोजित किया जाएगा। पाँच दिवसीय इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में देशभर के विश्वविद्यालयों के प्रतिभाशाली विद्यार्थी नृत्य, गायन, वादन, नाटक, ललित कला, लोक कला, एंकरिंग तथा फैशन शो सहित अनेक सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह महोत्सव भारत की सांस्कृतिक विविधता का भव्य उत्सव होने के साथ-साथ युवाओं में सृजनात्मकता, नवाचार, नेतृत्व, सहयोग और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी सुदृढ़ करेगा।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यूनिफेस्टा-2026 देश के प्रमुख विश्वविद्यालयीय सांस्कृतिक महोत्सवों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा तथा युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, रचनात्मक विचारों का आदान-प्रदान करने और कला एवं संस्कृति के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा।
कार्यक्रम का समापन डॉ. शताक्षी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी विशिष्ट अतिथियों, आयोजकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यूनिफेस्टा-2026 के सफल शुभारंभ में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की।









