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rural accident Bihar : तालाब में डूबने से अधेड़ की मौत, परिजनों में मचा कोहराम

कैमूर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में दर्दनाक हादसा हुआ। शौच के लिए गए 45 वर्षीय राजेंद्र बिंद का तालाब में पैर फिसल गया, जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई। घटना से गांव में शोक है।

rural accident Bihar : तालाब में डूबने से अधेड़ की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

rural accident Bihar :  कैमूर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर गांव में रविवार की सुबह एक हृदयविदारक हादसा हो गया। गांव के पश्चिम स्थित तालाब में डूबने से 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान शाहपुर निवासी स्वर्गीय किसुन बिंद के पुत्र राजेंद्र बिंद के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजेंद्र बिंद रोज की तरह सुबह शौच के लिए गांव के पश्चिम दिशा में स्थित तालाब की ओर गए थे। तालाब के किनारे की जमीन कच्ची और फिसलन भरी बताई जा रही है। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने से वे सीधे गहरे पानी में जा गिरे। तालाब में पानी अधिक होने और किनारे पर पकड़ के लिए ठोस सहारा नहीं मिलने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके और डूब गए।


जब काफी देर तक राजेंद्र बिंद घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। आसपास खोजबीन शुरू की गई। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने तालाब के पास चप्पल और अन्य सामान देखा, जिससे अनहोनी की आशंका गहराने लगी। शोर मचाने पर गांव के लोग इकट्ठा हुए और तालाब में तलाश शुरू की गई। कुछ ही देर बाद राजेंद्र बिंद का शव पानी से बाहर निकाला गया।


परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।


बताया जा रहा है कि राजेंद्र बिंद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके अचानक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं बच्चे बार-बार पिता को पुकारते नजर आए। गांव के लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं और परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव के पश्चिम स्थित इस तालाब के किनारे पहले भी फिसलने की घटनाएं हो चुकी हैं। बरसात और सर्दी के मौसम में किनारे की मिट्टी और अधिक चिकनी हो जाती है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के चारों ओर सुरक्षा इंतजाम करने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।


भगवानपुर थाना पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत होता है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिजनों को शव सौंप दिया गया है।


गांव में राजेंद्र बिंद की अंतिम यात्रा की तैयारी चल रही है। शोक में डूबे गांव में चूल्हे नहीं जले और हर आंख नम दिखी। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यह घटना सभी के लिए सबक है और तालाब, नदी जैसे जलस्रोतों के पास सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।


इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर कर दिया है। समय रहते यदि तालाबों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा उपाय किए जाएं, तो ऐसी कई जानें बचाई जा सकती हैं।