PATNA: केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून को गुजरात मॉडल की तर्ज पर अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी का उद्देश्य सही है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में कुछ स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है।
बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। पहले 1 अप्रैल 2016 को केवल देसी शराब पर प्रतिबंध लगाया गया था, जबकि 5 अप्रैल 2016 से पूरे राज्य में देसी और विदेशी शराब की बिक्री, सेवन और निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया।
शराबबंदी लागू होने के एक दशक से अधिक समय बाद अब इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून को और सख्ती तथा प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कानून के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में कदम उठाने की अपील की। मांझी ने कहा कि नशाबंदी कानून उचित है, लेकिन कुछ स्थानों पर पुलिस प्रशासन के स्तर पर इसके पालन में समस्याएं देखने को मिलती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात, जहां महात्मा गांधी का जन्म हुआ था, वहां भी शराबबंदी लागू है। उनके अनुसार, गुजरात मॉडल से सीख लेते हुए बिहार में भी शराबबंदी कानून को अधिक प्रभावी और सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन ही इसके उद्देश्यों को सफल बना सकता है और इससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिलेगी।





