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नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जतायी हत्या की आशंका

जमुई के नवोदय विद्यालय में 10वीं के छात्र की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। कचहरी चौक पर शव रखकर प्रदर्शन और सड़क जाम, पुलिस जांच जारी।

बिहार न्यूज
सड़क जाम हंगामा
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

JAMUI: जमुई जिले के नवोदय विद्यालय में शुक्रवार को एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई, जहां 10वीं कक्षा के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। विद्यालय प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शहर के कचहरी चौक पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया।


इस घटना से पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल है। मृतक छात्र की पहचान बरहट थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी सरकारी शिक्षक तारकेश्वर प्रसाद के 14 वर्षीय पुत्र आनंद कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, छात्र को विद्यालय के बाथरूम से गंभीर हालत में बाहर निकाला गया और आनन-फानन में जमुई सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ सतीश सुमन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच की जा रही है।विद्यालय के शिक्षक अजय कुमार के अनुसार, आनंद छठी कक्षा से ही नवोदय विद्यालय में पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई में काफी मेधावी था। वर्ष 2025 में वह इंटरसिप के विशेष क्लास के लिए एक साल असम गया था और हाल ही में घर लौटने के बाद बीते रविवार को ही दोबारा विद्यालय आया था। 


वहीं, विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल 2026 को ही पदभार संभाला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र कुछ समय से अकेलापन महसूस कर रहा था और हाल ही में घर से लौटा था। उन्होंने आशंका जताई कि मानसिक या पारिवारिक दबाव भी एक कारण हो सकता है, हालांकि स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इधर, परिजनों ने इस घटना को सिरे से खारिज करते हुए हत्या का आरोप लगाया है। मृतक के चाचा ओमप्रकाश कुमार ने कहा कि बाथरूम में पंखा नहीं होने के बावजूद आत्महत्या की बात समझ से परे है। उन्होंने दावा किया कि छात्र के शरीर पर मारपीट के निशान और सिर पर चोट के स्पष्ट संकेत हैं।


आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने कचहरी चौक पर घंटों सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान प्रजापति समाज के प्रदेश सचिव शैलेश कुमार ने भी विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि पिटाई के बाद की गई हत्या प्रतीत होती है। राजद जिला अध्यक्ष डॉ. त्रिवेणी यादव ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी और डीएम नवीन से फोन पर बात कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।


गौरतलब है कि हाल के दिनों में इसी विद्यालय से रैगिंग के मामले भी सामने आए थे। 28 मार्च को सीनियर छात्राओं द्वारा जूनियर छात्राओं के साथ कथित रैगिंग की घटना उजागर हुई थी, जिससे विद्यालय की व्यवस्था पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में गुटबाजी, जातिवाद और अनुशासनहीनता की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं, लेकिन दूरस्थ क्षेत्र में स्थित होने के कारण मामले अक्सर दब जाते हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

जमुई से धीरज कुमार सिंह की रिपोर्ट

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