1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 17 Feb 2026 09:59:55 PM IST
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NEET case Patna : पटना में चर्चित नीट छात्रा मामले को लेकर मंगलवार देर शाम एक नई जानकारी सामने आई है। दिन भर की हलचल के बाद शाम होते-होते कुछ मीडिया चैनलों पर यह खबर प्रसारित होने लगी कि मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पीड़िता के भाई को पूछताछ के लिए उठा लिया है या उसे हिरासत में ले लिया है। हालांकि जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल में तस्वीर कुछ अलग ही सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सीबीआई की एक टीम पटना स्थित पीड़िता के घर पहुंची थी। टीम का उद्देश्य मामले से जुड़े कुछ तकनीकी साक्ष्यों की जांच करना था। इसी क्रम में अधिकारियों ने पीड़िता के भाई से उसका मोबाइल फोन मांगा। जांच एजेंसी को आशंका थी कि मोबाइल में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी या डिजिटल साक्ष्य मौजूद हो सकते हैं, जो जांच में सहायक साबित हो सकते हैं।
जब सीबीआई टीम ने मोबाइल की मांग की, तो पीड़िता के भाई ने बताया कि फिलहाल उसका मोबाइल उसके पास नहीं है। उसने जानकारी दी कि मोबाइल में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण उसने उसे मरम्मत के लिए मखदुमपुर इलाके की एक रिपेयरिंग दुकान में जमा कराया है। यह सुनने के बाद सीबीआई की टीम ने उससे उस दुकान का पता पूछा और मौके पर जाने का निर्णय लिया।
इसके बाद सीबीआई अधिकारी पीड़िता के भाई को अपने साथ लेकर मखदुमपुर स्थित उस रिपेयर सेंटर पर पहुंचे। वहां दुकान संचालक से पूछताछ की गई और संबंधित मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया। मोबाइल को विधिवत प्रक्रिया के तहत कब्जे में लेने के बाद टीम ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। अहम बात यह है कि मोबाइल जब्त करने और प्रारंभिक पूछताछ के बाद पीड़िता के भाई को वापस उसके घर भेज दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान कहीं भी गिरफ्तारी जैसी कोई स्थिति नहीं बनी। न तो उसे औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया और न ही किसी थाने या कार्यालय ले जाकर लंबी पूछताछ की गई। यह केवल मोबाइल बरामदगी और उससे संबंधित पूछताछ की एक सामान्य प्रक्रिया थी, जो किसी भी संवेदनशील मामले की जांच के दौरान की जाती है।
इसके बावजूद देर शाम कुछ मीडिया चैनलों पर यह खबर चलने लगी कि नीट छात्रा मामले में सीबीआई ने पीड़िता के भाई को अरेस्ट कर लिया है। खबर प्रसारित होते ही इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया।
जब इस संबंध में फर्स्ट बिहार की टीम ने तहकीकात की और स्थानीय लोगों से संपर्क साधा, तो सामने आया कि गिरफ्तारी की खबर में कोई सच्चाई नहीं है। आसपास के लोगों ने भी पुष्टि की कि सीबीआई की टीम घर आई थी, भाई को साथ लेकर गई थी, लेकिन कुछ समय बाद उसे वापस छोड़ दिया गया। वह फिलहाल अपने घर पर ही मौजूद है।
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों को गंभीरता से खंगाल रही है। मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के जरिए कॉल डिटेल, मैसेज, सोशल मीडिया गतिविधि और अन्य तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। ऐसे में यह कार्रवाई जांच की सामान्य और जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।