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IAS SUCCESS STORY : छोटे से गांव का बड़ा कमाल : कोचिंग नहीं की… फिर भी UPSC में टॉप! पटना के इशित्व ने कर दिखाया कमाल; सक्सेस स्टोरी हो रही वायरल

पटना के बाढ़ अनुमंडल के ढीवर गांव के इशित्व आनंद ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 50वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया। खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के घर पर पढ़ाई कर यह सफलता हासिल की।

IAS SUCCESS STORY : छोटे से गांव का बड़ा कमाल : कोचिंग नहीं की… फिर भी UPSC में टॉप! पटना के इशित्व ने कर दिखाया कमाल; सक्सेस स्टोरी हो रही वायरल
Tejpratap
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IAS SUCCESS STORY : बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड स्थित ढीवर गांव के लिए यह पल गर्व और खुशी से भरा है। गांव के होनहार युवक इशित्व आनंद ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 50वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता बिना किसी कोचिंग के, घर पर रहकर स्वयं अध्ययन के बल पर हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और लोग उन्हें बधाई देने के लिए लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं।


इशित्व आनंद की प्रारंभिक शिक्षा काफी अच्छे संस्थानों में हुई। उन्होंने दसवीं की पढ़ाई मसूरी से पूरी की, जबकि इंटरमीडिएट की शिक्षा दिल्ली से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित करोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन (बीए) की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था और उसी दिशा में मेहनत शुरू कर दी थी।


बताया जाता है कि पिछले साल ही उन्होंने बीए की परीक्षा पास की थी। बीए की परीक्षा देने के महज दस दिन बाद ही उन्होंने पहली बार UPSC की परीक्षा दी। अपने पहले प्रयास में उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा (PT) तो पास कर ली, लेकिन मुख्य परीक्षा (Mains) में सफल नहीं हो सके। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमियों को समझते हुए लगातार तैयारी जारी रखी। मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने दूसरे ही प्रयास में पूरे देश में 50वीं रैंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की।


इशित्व के परिवार का शिक्षा और सेवा से गहरा संबंध रहा है। उनके पिता राजेश कुमार पहले एक प्राइवेट इंजीनियर थे, लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने माता-पिता की सेवा के लिए घर लौटने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने एक कोचिंग संस्थान शुरू किया, जहां वे छात्रों को पढ़ाते हैं। वहीं उनकी मां अनमोल कुमारी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में जमशेदपुर में तैनात हैं।


इशित्व की सफलता में उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी दादी रेखा सिन्हा एक सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं, जबकि दादा आनंदी प्रसाद सिंह पोस्टमास्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। दादी रेखा सिन्हा ने बताया कि पोते ने यूपीएससी की तैयारी के दौरान किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और घर पर ही रहकर पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है।


उन्होंने बताया कि उनकी बेटी, यानी इशित्व की मां, जमशेदपुर में रहती हैं। उन्होंने ही फोन कर बताया कि इशित्व ने यूपीएससी में 50वीं रैंक हासिल कर ली है। यह खबर सुनते ही पूरे परिवार में खुशी का माहौल बन गया। इशित्व की मां यह खबर सुनकर भावुक हो गईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े।


इशित्व बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे। परिवार के लोगों के अनुसार वह बचपन में काफी शांत स्वभाव के थे। इकलौता भाई होने के कारण वह अक्सर घर की छत पर अकेले ही बैट और बॉल से खेलते थे। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन बचपन से ही दिखाई देती थी, जिसका परिणाम आज पूरे देश के सामने है।


जैसे ही इशित्व आनंद के IAS बनने की खबर ढीवर गांव पहुंची, पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचे और अबीर-गुलाल लगाकर तथा मिठाइयां बांटकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। लोगों का कहना है कि गांव से पहली बार किसी छात्र ने UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास कर इतनी बड़ी सफलता हासिल की है।


ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि इशित्व आनंद आने वाले समय में एक अच्छे और ईमानदार प्रशासक के रूप में देश और समाज की सेवा करेंगे। उनकी सफलता ने गांव के अन्य युवाओं को भी प्रेरित किया है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।