Bihar Railway News : बिहार के नालंदा जिले में सोमवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। हिलसा रेलवे स्टेशन के समीप एक खाली मालगाड़ी की चार बोगियां अचानक पटरी से उतर गईं। घटना के बाद रेलखंड पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी यात्री, रेलकर्मी या स्थानीय व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खाली मालगाड़ी फतुहा से नटेसर की ओर जा रही थी। जब ट्रेन हिलसा रेलवे स्टेशन में प्रवेश कर रही थी, तभी अचानक उसके चार डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना के समय मालगाड़ी की गति काफी धीमी, लगभग 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। कम रफ्तार होने के कारण बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन प्रशासन ने तत्काल रेलवे कंट्रोल रूम को जानकारी दी। इसके बाद जीआरपी (Government Railway Police) और आरपीएफ (Railway Protection Force) की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हालात का जायजा लिया और ट्रैक को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।
हादसे के कारण इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। दिल्ली-इस्लामपुर मगध एक्सप्रेस, पटना-इस्लामपुर पैसेंजर और इस्लामपुर-हटिया ट्रेन समेत कई रेल सेवाओं पर असर पड़ा। कुछ ट्रेनों को निर्धारित समय से देरी से चलाना पड़ा, जबकि अन्य के संचालन में भी बाधा आई। यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने पटना से राहत एवं तकनीकी टीम को तत्काल हिलसा के लिए रवाना किया। मौके पर पहुंची विशेषज्ञ टीम ने बेपटरी हुई बोगियों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। रेलवे अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द रेल परिचालन सामान्य किया जा सके।
मौके पर मौजूद रेलवे अधिकारी टीआई कुंदन कुमार ने बताया कि घटना के समय मालगाड़ी की गति काफी कम थी। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर किसी तकनीकी गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल ट्रैक, पहियों और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
रेल हादसे का असर सिर्फ रेलवे संचालन तक सीमित नहीं रहा। बेपटरी हुई बोगियों के कारण हिलसा-चिकसौरा मार्ग सहित आसपास के कई रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहे। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और स्थानीय यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम की सूचना मिलने के बाद कई वाहन चालकों ने वैकल्पिक बाईपास मार्ग का सहारा लिया। स्थानीय प्रशासन ने भी यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। पुलिसकर्मियों ने लोगों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी देकर यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए बेपटरी हुई बोगियों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। ट्रैक की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही रेल परिचालन पूरी तरह बहाल किया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल राहत और बहाली का कार्य लगातार जारी है।





