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1st Bihar की खबर...असर की 100 % गारंटी, अपहरणकर्ता बने एक्साइज अफसरों पर थाने में 'मुकदमा' दर्ज, 2.10 लाख वसूली कांड में 'अधीक्षक' ने बचाने की भरपूर कोशिश की थी..,

1st Bihar/Jharkhand के खुलासे के बाद बड़ा असर हुआ है। जहानाबाद में कथित अपहरण, मारपीट और 2.10 लाख रुपये की अवैध वसूली के मामले में उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर, दारोगा और दो एएसआई समेत चार अधिकारियों पर हुलासगंज थाने में FIR दर्ज की गई है।

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Viveka Nand
7 मिनट

Bihar News: 1st Bihar/Jharkhand की खबर के बाद असर होना तय है. हमने उत्पाद विभाग को अधिकारियों को बेनकाब किया था. अब जाकर कथित अपहरण कर वसूली करने वाले उत्पाद के इंस्पेक्टर-दारोगा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. यह अलग बात है कि उत्पाद विभाग के अधीक्षक ने मामले को दबाने की पूरी कोशिश की, वसूली गई राशि वापस कराई गई, शिकायतकर्ता से शपथ पत्र दिलवाकर मामले को खत्म कराने की कोशिश की गई. इसके बाद भी 1st Bihar की खबर ने ऐसा असर दिखाया कि आरोपी एक्साइज अफसरों पर मुकदमा दर्ज हो गया. 

खबर के बाद उत्पाद अफसरों पर दर्ज हुआ केस 

मामला पटना से सटे जहानाबाद जिले से जुड़ा है. मामला मार्च 2026 की है. 1st Bihar/Jharkhand ने 15 जून 2026 को पूरे मामले का खुलासा किया. हमने खबर चलाई...'' बिहार के एक्साइज अफसर बने 'अपहरणकर्ता’ ! पकड़ने के बाद पिटाई फिर 2.10 लाख की फिरौती वसूला, वर्दी वाले ऐसे गुंडों को दंड नहीं...खुलासे के बाद पैसा वापस कराकर मामले को दबाया''. खबर के बाद हड़कंप मच गया. जहानाबाद के उत्पाद अधीक्षक ने मामले पर सफाई दी . लेकन सच्चाई को अधिक दिनों तक छुपा नहीं सकते. 1st Bihar/Jharkhand ने जहानाबाद उत्पाद के तमाम अधिकारियों को बेनकाब किया. इसके बाद मद्य निषेध विभाग हरकत में आया. इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर 3 जुलाई 2026 को जहानाबाद के हुलासगंज थाने में उत्पाद के इंस्पेक्टर-दारोगा-जमादार के खिलाफ मुकदमा दर्ज की गई है. 

इंस्पेक्टर से लेकर दारोगा-जमादार पर केस, अधीक्षक बच गए 

जहानाबाद के हुलासगंज थाने में दिए आवेदन में पीड़ित अम्पू कुमार ने लिखा, '' जहानाबाद उत्पाद विभाग के निरीक्षक मुकेश कुमार , अवर निरीक्षक रंजीता सिंह , सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार एवं सहायक अवर निरिक्षक नरदीप सिंह के द्वारा मारपीट की गई . सथ ही दो लाख दस हजार (2.10.000) रूपया जबरन वसूल की गई। यह घटना 9 मार्च 2026 की शाम को हुई. पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम का जिक्र अपने आवेदन में किया है. किस तरह से उन्हें पकड़ा गया, फिर रात भर टॉर्चर कर जबरन 2 लाख 10 हजार रू की वसूली की गई. इसके बाद हमलोगों से वीडियो बनवाया गया. इसके बाद छोड़ा गया. शिकायत के बाद हुलासगंज थाने की पुलिस ने 3 जुलाई को case no- 238/26 रजिस्टर्ड किया है. पुलिस ने जहानाबाद उत्पाद के चार अफसरों के खिलाफ बीएनएस की धारा- 126 (2)/115(2)/303 (2)/352/351(2)/308(2)/3(5) के तहत केस दर्ज किया है. पूरे मामले की जांच का जिम्मा सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को दी गई है.  

1st Bihar की खबर...असर की 100 % गारंटी, अपहरणकर्ता बने एक्साइज अफसरों पर थाने में 'मुकदमा' दर्ज, 2.10 लाख वसूली कांड में 'अधीक्षक' ने बचाने की भरपूर कोशिश की थी..,

जहानाबाद उत्पाद के अफसर बने अपहरणकर्ता...पकड़ने के बाद जबरन वसूली 

बिहार में शराबबंदी है. इस कानून को सफल बनाने की जिम्मेदारी उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की है. इस विभाग के अधिकारी शराब सप्लाई को रोकते नहीं, सिर्फ वसूली में लगे रहते हैं. हालात ऐसे हो गए हैं कि उत्पाद विभाग के अधिकारी वर्दी वाले अपहरणकर्ता बन गए हैं. शराब के नाम पर लोगों को पकड़ते हैं, फिर रात भर टॉचर करते हैं, सुबह होते-होते मोटी रकम की वसूली की जाती है. सीधे शब्दों में कहें तो पहले गुंडे लोगों का अपहरण कर फिरौती वसूलते थे, अब वर्दी वाले यह काम कर रहे. जहानाबाद में उत्पाद विभाग के वर्दी वालों का ऐसा चेहरा सामने आया है. खुलासा हुआ तो मामले दबाने की भरसक कोशिश हुई. पीड़ित पक्ष ने जब वरीय अफसरों तक मामले को पहुंचाया तो कार्रवाई की डर से वसूली गई रकम वापस कराई गई। 

बड़े मामले पर मिट्टी डालने की हुई थी कोशिश

नालंदा के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मनीचक के रहने वाले अम्पू कुमार और श्याम सुंदर शर्मा द्वारा जिलाधिकारी जहानाबाद द्वारा की गई लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि उत्पाद विभाग की टीम ने 2 लाख 10 हजार रू लेकर हमलोगों को छोड़ा है. तब जिलाधिकारी जहानाबाद के दिए आवेदन में कहा गया था कि 9 मार्च को अम्पू कुमार और श्याम सुंदर शर्मा दोनों गया से इस्लामपुर की तरफ जा रहे थे. जहानाबाद के हुलासगंज के चौहरमल चौक के पास उत्पाद विभाग के अधिकारी वाहन की जांच कर रहे थे. जब उनकी गाड़ी वहां पहुंची तो इन लोगों ने गाड़ी रोका और चाबी छीन लिया. साथ ही दोनों का मोबाइल भी ले लिया. इसके बाद सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार एवं निरीक्षक मुकेश कुमार गाली गलौज और मारपीट करने लगे. श्याम सुंदर शर्मा के पैकेट में रखे ₹60000 निकाल लिया गया. इसके बाद मारपीट करते हुए साहू बीघा नहर पर ले जाकर अम्पू कुमार से ₹100000 की मांग की गई. अम्पू ने मोबाइल नंबर 77620 ##### से 82921 ##### पर कॉल कर ₹100000 अपने पिता को लाने को कहा. अम्पू के पिताजी द्वारा साहू बीघा नहर पर लाकर मद्य निषेध विभाग के निरीक्षक मुकेश कुमार को उक्त राशि दी गई। अवर निरीक्षक रणजीत सिंह के द्वारा वीडियो बनाया गया जिसमें हमको कहा गया कि जैसा बोलेंगे वैसा ही बोलना है. इसके बाद हमने (अम्पू) उस वीडियो में कहा कि मारपीट नहीं किया गया है, न हीं पैसे का लेनदेन किया गया है. यह कहवाकर गाड़ी की चाबी और मोबाइल दे दिया गया.

जब तक 2.10 वसूला नहीं एक को बिठाये रखा

आवेदन में आगे लिखा गया था कि इसके बाद भी श्याम सुंदर शर्मा को गिरफ्तार कर रखा गया था. इनके छोड़ने की एवज में ₹50000 की मांग की गई. अम्पू ने अपने घर से ₹50000 लाकर सिहीं पेट्रोल पंप से आगे सहायक अवर निरीक्षक नवदीप सिंह को दिया. इस तरह से कुल मिलाकर 2 लाख 10 हजार रुपए दिया गया, तब जाकर श्याम सुंदर शर्मा को छोड़ा गया.

पीड़ित के पिता बोले- शिकायत के बाद पूरा पैसा वापस किया गया

पीड़ित अम्पू कुमार के पिता मिथिलेश सिंह ने इस घटना के बाद जहानाबाद के उत्पाद अधीक्षक के पास 12 मार्च 2026 को शिकायत लेकर पहुंचे. उन्होंने कहा कि 9 मार्च को मेरे बेटे के साथ उत्पाद थाना के थानाध्यक्ष व अन्य कर्मियों ने जबरन 2 लाख 10 हजार रू लिए हैं. इसके बाद अधीक्षक दिलीप पाठक ने कहा कि आप लिखित में दीजिए। अगले दिन ये आवेदन लेकर डीएम के पास पहुंच गए। आवेदक अम्पू के पिता ने बताया कि 13 तारीख को मैडम को आवेदन दिए। तब मैडम ने अधीक्षक को कहा कि इनका पैसा वापस लौटवाइए, नहीं तो कार्रवाई करें. इसके बाद डेढ़ लाख रू लौटाया गया, फिर पूरा पैसा 2 लाख 10 हजार रू लौटाया गया. यानि पूरे मामले में उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर-दारोगा जिनपर वसूली के आरोप हैं, उन्हें अधीक्षक की तरफ से समझौता कराकर बचाने की कोशिश की गई.

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता