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बिहार: चार पैर वाले बच्चे का हुआ जन्म, डॉक्टर बोले..नवजात स्वस्थ है.. ऐसा केस लाखों में एक होता है

GOPALGANJ: गोपालगंज में चार पैर वाले बच्चे ने जन्म लिया है। पीएचसी में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। नवजात का दो पैर नॉर्मल हैं जबकि दो पैर पिछले हिस्से में हैं। जिसमें एक पैर

बिहार: चार पैर वाले बच्चे का हुआ जन्म, डॉक्टर बोले..नवजात स्वस्थ है.. ऐसा केस लाखों में एक होता है
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

GOPALGANJ: गोपालगंज में चार पैर वाले बच्चे ने जन्म लिया है। पीएचसी में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। नवजात का दो पैर नॉर्मल हैं जबकि दो पैर पिछले हिस्से में हैं। जिसमें एक पैर का साइज काफी छोटा है। बच्चे को देखने आने वालों लोगों की भीड़ को देखते हुए पीएचसी के डॉक्टरों ने सदर हॉस्पिटल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में भी लोग उमड़ने लगे जिसके बाद नवजात को PICU में रखा गया है। 


इस बात की जानकारी जैसे ही गांव और आस-पास के लोगों को हुई वे बच्चे को देखने के लिए अस्पताल तक पहुंच गये। सदर अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सभी लोग बच्चे को एक झलक देखना चाहते थे। अस्पताल परिसर में उमड़ी लोगों की भीड़ को देखते हुए डॉक्टरों ने नवजात को PICU वार्ड में भेज दिया। 


बताया जाता है कि प्रसव पीड़ा के बाद बैकुंठपुर प्रखंड के रेवतिथ गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रवीना खातून को एडमिट कराया गया था। जहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। नवजात के चार पैर होने की बात जब सामने आई तब पीएचसी में भी लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। भीड़ को देखते हुए पीएचसी के डॉक्टरों ने सदर अस्पताल रेफर कर दिया था। 


वहां भी लोग बच्चे को देखने के लिए पहुंचने लगे जिसके बाद बच्चे को पीआईसीयू वार्ड में भेज दिया गया। जहां किसी को नवजात से मिलने की इजाजत नहीं है। बच्चे को नवजात शिशु इकाई में रखा गया है। सदर अस्पताल के डॉक्टर सौरभ अग्रवाल का कहना था कि इस तरह का मामला कभी-कभी आता है। एक लाख बच्चों में एक बच्चे में इस तरह केस मिलते हैं। यह जेनेटिक व अन्य कारणों से भी होता है। 

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