ब्रेकिंग
अपनी लोकप्रियता से डर रहे तेज प्रताप यादव? सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से लगाई गुहार✦4 नवंबर को शिक्षा विभाग की बड़ी बैठक: सभी DEO-DPO के काम की होगी समीक्षा, ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर वेतन विसंगति तक पर होगा मंथन✦तेजस्वी यादव का बीजेपी पर पलटवार, बोले- दिल्ली की रैली फ्लॉप थी तो इतनी बेचैनी क्यों?✦बेगूसराय में निगरानी का एक्शन: 29 हजार रुपये घूस लेते दारोगा गिरफ्तार, केस से नाम हटाने के लिए मांग रहा था पैसा✦बिहार बोर्ड ने जारी किया लाइब्रेरियन परीक्षा का डमी एडमिट कार्ड, गलती सुधारने का मिला मौका; जानें पूरी प्रक्रिया✦अपनी लोकप्रियता से डर रहे तेज प्रताप यादव? सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से लगाई गुहार✦4 नवंबर को शिक्षा विभाग की बड़ी बैठक: सभी DEO-DPO के काम की होगी समीक्षा, ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर वेतन विसंगति तक पर होगा मंथन✦तेजस्वी यादव का बीजेपी पर पलटवार, बोले- दिल्ली की रैली फ्लॉप थी तो इतनी बेचैनी क्यों?✦बेगूसराय में निगरानी का एक्शन: 29 हजार रुपये घूस लेते दारोगा गिरफ्तार, केस से नाम हटाने के लिए मांग रहा था पैसा✦बिहार बोर्ड ने जारी किया लाइब्रेरियन परीक्षा का डमी एडमिट कार्ड, गलती सुधारने का मिला मौका; जानें पूरी प्रक्रिया

Bihar News: बिहार में रिश्वतखोरी के आरोप में राजस्व कर्मचारी सस्पेंड, घूसखोरी का ऑडियो वायरल होने पर एक्शन

Bihar News: गया में राजस्व कर्मचारी रवि कुमार पर रिश्वतखोरी के आरोप में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। मामले की जांच जारी है।

Bihar News
प्रतिकात्मक
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: गया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए फतेहपुर अंचल के राजस्व कर्मचारी रवि कुमार को निलंबित कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर को वॉट्सऐप पर वायरल हुए एक ऑडियो में रवि कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप मिला।


ऑडियो में आरोप लगाया गया है कि रवि कुमार ने अपने दलाल अजय कुमार के माध्यम से पीड़ित पिंटू यादव से 15 हजार रुपये फोन-पे के जरिए रिश्वत ली। प्रारंभिक जांच में इस आरोप को सही पाया गया है। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से रवि कुमार को निलंबित कर दिया है और निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय टिकारी अंचल में रखा गया है। 


साथ ही दलाल अजय कुमार की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित पिंटू यादव ने बताया कि तीन महीने तक उन्हें दौड़ाया गया और जमाबंदी करवाने के लिए राजस्व कर्मचारी ने 25 हजार रुपये की मांग की थी, जो उन्होंने फोन-पे से भेजे।


सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से प्रखंड के लोग रवि कुमार की शिकायत करते रहे हैं, लेकिन ठोस सबूत न मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई। कहा जा रहा है कि वह काम के लिए दलाल से मिलने को कहता था, तभी काम आगे बढ़ता था। 


उधर, डीएम शशांक शुभंकर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और किसी भी स्तर पर धन उगाही या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता