ब्रेकिंग
बांकीपुर उपचुनाव के बीच RJD को बड़ा झटका, BJP में शामिल हुए पूर्व सांसद अर्जुन रायविवाद: डीटीओ पद पर 'कब्जे' का खेल ! बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए सिर्फ 17 पद है रिजर्व पर कब्जा 37 जिलों पर, परिवहन विभाग अपनी ही अधिसूचना से पीछे हटा, 18 अफसरों को क्यों नहीं कर पा रहा पोस्टिंग ? बिहार में बेकाबू टोटो ने तीन लोगों को रौंदा, एक की दर्दनाक मौत; दो गंभीर, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जामतेजस्वी यादव ने दे दी लास्ट वार्निंग, सम्राट सरकार के पास सिर्फ रात तक का वक्त; कहा- हम निवेदन नहीं, आगाह कर रहेभाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, जांच में जुटी पुलिस बांकीपुर उपचुनाव के बीच RJD को बड़ा झटका, BJP में शामिल हुए पूर्व सांसद अर्जुन रायविवाद: डीटीओ पद पर 'कब्जे' का खेल ! बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए सिर्फ 17 पद है रिजर्व पर कब्जा 37 जिलों पर, परिवहन विभाग अपनी ही अधिसूचना से पीछे हटा, 18 अफसरों को क्यों नहीं कर पा रहा पोस्टिंग ? बिहार में बेकाबू टोटो ने तीन लोगों को रौंदा, एक की दर्दनाक मौत; दो गंभीर, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जामतेजस्वी यादव ने दे दी लास्ट वार्निंग, सम्राट सरकार के पास सिर्फ रात तक का वक्त; कहा- हम निवेदन नहीं, आगाह कर रहेभाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला, जांच में जुटी पुलिस

वर्षों पहले घर से लापता हो गया था युवक, 31 साल बाद अचानक पैतृक घर पहुंचा; भावुक हुआ पूरा गांव

Bihar News: गयाजी में 31 साल पहले लापता हुआ साधु शर्मा अचानक अपने पैतृक घर लौट आया। वर्षों बाद बेटे की वापसी से परिवार और पूरे गांव में खुशी और भावुकता का माहौल है, हालांकि इतने लंबे समय तक उनके गायब रहने की वजह अब भी रहस्य बनी हुई है।

Bihar News
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार के गयाजी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रविवार को वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत केनार चट्टी गांव में भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला। वर्ष 1995 में लापता हुए साधु शर्मा आखिरकार करीब 31 साल बाद अपने घर लौट आए। उनके घर पहुंचते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरे गांव में उनकी वापसी चर्चा का विषय बन गई।



साधु शर्मा गनौरी ठाकुर के पुत्र हैं। 1995 में वे अचानक घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय के साथ उम्मीदें धुंधली पड़ती गईं, लेकिन परिवार ने उन्हें कभी भुलाया नहीं। 



रविवार को जब साधु शर्मा अचानक पैतृक घर पहुंचे तो परिवार के लोग उन्हें देखकर भावुक हो उठे। वर्षों से बेटे की राह देख रही मां और परिजनों की आंखें नम हो गईं। खबर फैलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं है।



गांव के रहने वाले राजकुमार प्रसाद ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि साधु शर्मा फिर लौटेंगे। वहीं अनिल प्रसाद ने बताया कि परिवार ने वर्षों इंतजार किया, आज सबकी आंखें नम हैं। लवकुश प्रसाद ने इसे ईश्वर की कृपा बताया। सुरेंद्र प्रसाद ने कहा, कि यह पल पूरे गांव के लिए ऐतिहासिक है। विक्रम कुमार ने उनकी सकुशल वापसी पर खुशी जताते हुए स्वस्थ जीवन की कामना की। 



फिलहाल साधु शर्मा के 31 वर्षों तक कहां रहने और किन परिस्थितियों में परिवार से दूर रहने की जानकारी सामने नहीं आई है। उनकी रहस्यमयी गुमशुदगी और वापसी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। परिवार के लिए यह दिन लंबे इंतजार के बाद मिली सबसे बड़ी खुशी बन गया।

रिपोर्ट- नितम राज, गयाजी

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता