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Bihar News: कंट्रोल रूम निर्माण पर हंगामा... मेयर व पार्षदों ने रुकवाया काम, जेनरेटर बना विवाद की वजह

बिहार के गया नगर निगम में CCTV कंट्रोल रूम निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मेयर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बिना बोर्ड की मंजूरी के काम शुरू होने का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य को रुकवा दिया, साथ ही परिसर में जेनरेटर रखने पर भी कड़ी...

Bihar News: कंट्रोल रूम निर्माण पर हंगामा... मेयर व पार्षदों ने रुकवाया काम, जेनरेटर बना विवाद की वजह
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar News: बिहार के गया नगर निगम परिसर में बन रहे CCTV कंट्रोल रूम और भवन से सटे रास्ते में बड़े जेनरेटर रखे जाने को लेकर हंगामा हुआ। नगर निगम कार्यालय में सोमवार को मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, डिप्टी मेयर चिंता देवी, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव सहित दर्जनों पार्षद मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया।


जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बिना बोर्ड की स्वीकृति और सशक्त स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित किए बिना ही निगम के जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जो नियमों के खिलाफ है। 


मेयर गणेश पासवान ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम में किसी भी बड़े कार्य से पहले बोर्ड की अनुमति अनिवार्य होती है, लेकिन इस मामले में प्रक्रिया का पूरी तरह उल्लंघन किया गया है। उन्होंने नगर आयुक्त पर मनमाने तरीके से काम कराने का आरोप लगाया।


वहीं, निगम कार्यालय सभागार के समीप बड़े जेनरेटर को रखने पर भी जनप्रतिनिधियों ने गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि निगम का भवन करीब सौ साल पुराना और जर्जर है। ऐसे में भारी जेनरेटर से होने वाले कंपन से भवन को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।


मौके पर मौजूद ठेकेदार ने बताया कि नगर आयुक्त के अनुमोदन के बाद ही काम शुरू किया गया है।


इस पर मेयर ने कहा कि यदि बिना बोर्ड की जानकारी के कार्य कराया जाएगा तो यह जनप्रतिनिधियों की अनदेखी है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।


इस पूरे मामले को लेकर मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों ने मगध आयुक्त से मिलकर औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। 


सशक्त स्थायी समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि निगम परिसर में आने-जाने के मुख्य रास्ते पर जेनरेटर रख देने से रास्ता अवरुद्ध हो गया है, जिससे वाहनों के साथ आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और सुरक्षा का भी खतरा बढ़ गया है।

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