Bihar News: बिहार के किसानों को अब खेती और सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि कार्यों के लिए रोजाना 12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके तहत किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक एग्रीकल्चर फीडर के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना स्थित अपने आवास पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि कृषि फीडर से निर्धारित समय में बिजली आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र परिवारों तक योजना का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए और जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में तय लक्ष्यों को जल्द पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने पीएम-कुसुम योजना के तहत कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाएं मिलने से खेती की लागत कम होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
सम्राट चौधरी ने बिहार में फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को राज्य के जलाशयों और अन्य उपयुक्त स्थानों का वैज्ञानिक अध्ययन कर नई परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि बिहार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ सके।
बैठक में बिहार के लिए हरित हाइड्रोजन नीति तैयार करने की दिशा में भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक विकास को देखते हुए राज्य को स्वच्छ ऊर्जा की नई तकनीकों के लिए तैयार करना जरूरी है।
बता दें कि बिहार में किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए कृषि विद्युत कनेक्शन के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया निशुल्क है। मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत किसानों को रियायती दर पर बिजली दी जाती है और वर्तमान में कृषि कनेक्शन पर बिजली की दर लगभग 55 पैसे प्रति यूनिट है।
सामान्य परिस्थितियों में किसानों को कृषि फीडर से करीब 8 से 10 घंटे तक बिजली मिलती है। वहीं धान रोपनी, कमजोर मानसून या सूखे जैसी स्थिति में सिंचाई की बढ़ती जरूरत को देखते हुए कई बार 14 से 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति की जाती है। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद कृषि कार्यों के लिए रोजाना सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे सिंचाई और कृषि कार्यों में काफी सुविधा होगी।



