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1St Bihar की खबर पर DM ने लगाई मुहर, SDO की जांच में मामला सत्य पाया गया, दोषियों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई

बक्सर के डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में नवजातों के इलाज से जुड़ा वायरल वीडियो जांच में सही पाया गया। DM के निर्देश पर हुई SDO जांच के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।

बिहार न्यूज
फर्स्ट बिहार की खबर का बड़ा असर
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BUXAR: एक बार फिर फर्स्ट बिहार की खबर का बड़ा असर हुआ है। 09 जून दिन मंगलवार को फर्स्ट बिहार ने बक्सर के डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर को दिखाया था। यह बताया था कि कैसे यहां अस्पताल परिसर में MNCU यूनिट के नवजात का इलाज किया जा रहा है। इस तस्वीर ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करके रख दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।


वायरल वीडियो में यह देखा गया कि भीषण गर्मी और बिजली कटौती के बीच परिजन हाथ से पंखा झलकर बच्चों को राहत देते नजर आए। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन की बदइंतजामी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। मामला सामने आने के बाद बक्सर के जिलाधिकारी (DM) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो की सत्यता की जांच के लिए अनुमंडल पदाधिकारी ( SDO) को निर्देश दिया।


 जिसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी आज मंगलवार को अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे और हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीओ ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को सत्य पाया और इस बात की रिपोर्ट डीएम के समक्ष प्रस्तुत किया। एसडीओ के निरीक्षण के दौरान डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल के कर्मचारी और उपस्थित विद्युत मिस्त्री ने बताया कि ट्रांसफार्मर में खराबी आने के कारण पूरे अस्पताल की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गया था। 


जेनरेटर के द्वारा विद्युत आपूर्ति किये जाने पर लोड अधिक होने के वजह से विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो रहा था, जिसके कारण विद्युत का कनेक्शन डायरेक्ट किया गया, लेकिन विद्युत तार में फाल्ट होने के वजह से बीच का तार जल गया। जिसके चलते MNCU में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं किया जा सका। उसी क्रम में ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने के कारण MNCU में रखे गये नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ने लगी एवं सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। 


चिकित्सकों की सूझ-बूझ से आपातकालीन स्थिति में नवजात शिशु को बाहर लाकर उसकी चिकित्सा कर जान को बचाया गया। विद्युत आपूर्ति बहाल होते ही नवजात शिशु को MNCU में ले जाया गया जहां देखभाल किया जाने लगा है। उक्त मामले में अन्य तथ्यों पर अनुमंडलाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के आधार पर अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी।